Ravi Agrawal

नागपुर. क्राइम ब्रांच द्वारा 2016 में सामने लाए गए डिब्बा ट्रेडिंग प्रकरण की जांच समय के साथ ठंडी पड़ गई. इस प्रकरण में सभी आरोपियों को हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिल गई थी. जानकारी मिली है कि शहर पुलिस एक बार फिर डिब्बा प्रकरण को खोद रही है.

इस प्रकरण के बाद चर्चा में आए एल-7 ग्रुप के संचालक रवि अग्रवाल को पुलिस ने मंगलवार को क्राइम ब्रांच में बुलाया. बताया जाता है कि 4 घंटे तक पुलिस ने अग्रवाल से पूछताछ की. वैसे तो शहर में लंबे समय से डिब्बा ट्रेडिंग चल रही है, लेकिन मई 2016 में क्राइम ब्रांच ने व्यापारियों के कार्यालय और घरों में छापेमारी करके कुछ दस्तावेज जब्त किए थे.

धोखाधड़ी और सिक्युरिटी सेफ्टी एक्ट के तहत मामला भी दर्ज किया गया. इसके खिलाफ रवि अग्रवाल सहित अन्य आरोपी हाईकोर्ट गए थे. न्यायालय ने उन्हें जमानत मंजूर की थी. साथ ही सिक्युरिटी सेफ्टी एक्ट के तहत पुलिस को जांच के अधिकार न होने खुलासा हुआ था. शहर के नवनियुक्त सीपी अमितेश कुमार ने ठंडे बस्ते में पड़े मामलों का ब्यौरा मांगा. इसमें सबसे ऊपर डिब्बा ट्रेडिंग का प्रकरण था.

सीपी ने दोबारा क्राइम ब्रांच को इस केस की फाइल खोलने और अब तक क्या कार्रवाई हुई इसकी जानकारी लेने के निर्देश दिए. मंगलवार को क्राइम ब्रांच ने इस प्रकरण के सबसे मुख्य सूत्रधार अग्रवाल को पूछताछ के लिए कार्यालय बुलाया. घंटों तक पूछताछ की गई. जानकारी मिली है कि बुधवार को भी पुलिस अग्रवाल से जवाब तलब कर सकती है.