Service Apartment 01

  • 2000 से 2,500 रुपये वसूले जाते हैं एक दिन के
  • सप्ताह भर से ऊपर के लिए तय हैं पैकेज

नागपुर. शादी-ब्याह सहित अन्य तरह के समारोह में मेहमान नवाजी के लिए होटल की तरह साधन-सुविधाओं से सुसज्जित सर्विस अपार्टमेंट वर्तमान में आरेंटसिटी की शान बनते जा रहे हैं. वर्धा रोड सहित शहर के अनेक प्रमुख स्थानों पर सर्विस अपार्टमेंट की बाढ़ जैसी आ चुकी है. रसोई सहित वातानुकूलित कमरों द्वारा अतिथि को संपूर्ण होटल का अनुभव कराने वाले यह सर्विस अपार्टमेंट के संचालकों द्वारा ग्राहकों से मोटी रकम लेकर सरकार को टैक्स न अदा करते हुए लाखों रुपये का चूना लगा रहे हैं.

जिस तरह होटल के रूम का चार्ज होता है, उसी तरह एक दिन का इसमें 2,000 से 2,500 रुपये एक दिन का चार्ज लिया जाता है. वहीं अन्य सुविधाएं जुड़ी तो इसका यह चार्ज 3,000 से ऊपर हो जाता है. कमाई का जरिया बन चुके कई सर्विस अपार्टमेंट गैर-कानूनी तरीके से भी चल रहे हैं. शादी-समारोह के लिए दिन के हिसाब से 1.5 लाख से अधिक 2 लाख रुपये इसके पैकेज भी बताये जा रहे हैं. सर्विस अपार्टमेंट वाले ग्राहकों से वसूली कर अपनी झोली तो बड़ी आसानी से भर रहे हैं, लेकिन जीएसटी सहित अन्य तरह के टैक्सेस जो जरूरी होते हैं, वे साधे अपार्टमेंट के नाम से डाकर रहे हैं.

कई चल रहे अवैध रूप से

सर्विस अपार्टमेंट में होटलों की तरह रूम सर्विस दिये जाने के चलते ही यह लोगों की पसंद बनते जा रहे हैं. इसी का फायदा उठाते हुए ही शहर में कई स्थानों पर ऐसे भी सर्विस अपार्टमेंट हैं, जो कि अवैध रूप से चल रहे हैं. यह जहां सरकार को फटका लगा रहे हैं, वहीं होटलों का व्यवसाय भी चौपट कर रहे हैं. इनमें ग्राहकों से मोटी-मोटी राशि वसूली जाती है, लेकिन सरकार की तिजोरी में इसका किसी भी प्रकार का हिस्सा नहीं जाता. इन सर्विस अपार्टमेंट्स की किसी भी तरह से जांच नहीं होने के चलते इस तरह सरकार को चूना लगाये जाने का काम चल रहा है. शादियों के लिए यह पहले से बुक हो जाते हैं. इनका उपयोग कमर्शियल हो रहा है, लेकिन इनका बिल कमर्शियल की बजाय साधे घरों की तरह ही आ रहा है. यह सब होता है बिजली विभाग और सर्विस अपार्टमेंट वालों की मिलीभगत के कारण. इससे यहां पर भी यह लोग पैसा बचा लेते हैं, लेकिन ग्राहकों से बाकायदा बढ़े बिजली बिल सहित जीएसटी व अन्य टैक्सों के हिसाब से ही बिल वसूला जाता है. सूत्रों के अनुसार यह ग्राहकों के बिल में किसी तरह की कोई कमी नहीं रखते, लेकिन बाहर इसे शो नहीं किया जाता.

बताये अनुसार नहीं मिलतीं सुविधाएं

ग्राहकों को तय करने से पहले संचालकों द्वारा इससे संबंधित कई सुविधाओं के बारे में बताया जाता है, लेकिन उतनी सुविधाएं मिल नहीं पाती. इन सर्विस अपार्टमेंट में रसोई की सुविधा तो रहती है, परंतु समय पर कभी-कभी यह सुविधाएं ग्राहकों को मिल नहीं पाती. इसके चलते बाहर से खाना मंगाया जाता है. पैसा सुविधाओं का लिया जाता है, लेकिन जब सुविधाएं नहीं मिलती हैं, तो ग्राहकों की झल्लाट देखी जा सकती है. सर्विस अपार्टमेंट की तरह ही शहर में आजकल कई घरों का उपयोग भी ऐसे समारोह के लिए होने लगा है. 

होटलों का बिजनेस किया डाउन

सर्विस अपार्टमेंट की बहार शहर के अनेक कालोनी की गलियों में देखा जा सकता है. जिस तरह होटलों के लिए नियम-कानून तय है उसी तरह इन पर भी लगे, तो सरकार को एक अच्छी आय प्राप्त हो सकती है, लेकिन बेखबर और उदासीन प्रशासन की सुस्ती से इस तरह के सर्विस अपार्टमेंट का बिजनेस दिन-प्रतिदिन बढ़ते जा रहा है. नियम-कानून के तहत चलने वाले होटल्स का बिजनेस भी इन नियम-कानून की धज्जियां उड़ाने वाले सर्विस अपार्टमेंट के संचालकों ने डाउन कर दिया है. आज लोग होटलों से अधिक इन सर्विस अपार्टमेंट्स को तवज्जो देने लगे हैं. इसी के चलते इनकी डिमांड दिनोंदिन बढ़ती जा रही है.