dengue

    नागपुर. बारिश के सीजन में हर वर्ष डेंगू की वजह से लोगों की मौत होती है. इसके बावजूद प्रशासन द्वारा रोकथाम की दिशा में ठोस उपाय योजना नहीं की जाती. इन दिनों सदर के गोंडपुरा कापसी माता मंदिर परिसर में डेंगू की वजह से कई परिवार परेशान हैं. इतना ही नहीं सप्ताहभर पहले 21 वर्षीय एक युवक की भी मौत हो गई. करीब 15 लोग बाधित होने के साथ ही 7-8 लोग विविध अस्पतालों में उपचार ले रहे हैं लेकिन मनपा द्वारा अब भी सुध नहीं ली गई है. यही वजह है कि परिसर के नागरिकों में रोष व्याप्त है.

    परिसर में रहने वाले गणेश उइके के 21 वर्षीय बेटे पीयूष की मौत डेंगू की वजह से हो गई है. इसके बाद 16 वर्षीय बेटी को भी डेंगू ने घेर लिया. इतना ही नहीं इन्हीं के परिवार के कुछ बच्चों को भी डेंगू की शिकायत सामने आई है. बताया गया कि परिसर में रहने वाले अनेक परिवार डेंगू की वजह से परेशान हैं लेकिन अब तक परिसर में मनपा द्वारा किसी भी तरह का सर्वे नहीं किया गया है. साथ ही मनपा के कर्मचारियों ने कीटनाशक का छिड़काव तक नहीं किया है. यही वजह है कि बस्ती में तेजी से डेंगू फैल रहा है. नागरिकों ने बताया कि जून में बारिश के होने के बाद से मच्छरों का प्रकोप बढ़ा है लेकिन मनपा द्वारा फागिंग मशीन से छिड़काव तक नहीं किया गया है. इसी वजह से मच्छरों की फौज बढ़ती जा रही है.

    उपाय योजना का अभाव : नीतीश

    पार्षद नीतीश ग्वालबंसी ने बताया कि केवल सदर ही नहीं बल्कि सिटी के अन्य इलाकों में भी डेंगू ने आतंक मचा रखा है. इसके बावजूद मनपा द्वारा प्रतिबंधात्मक उपाय योजना नहीं की जा रही है. अब तो स्थिति यह हो गई है कि हर समस्या के लिए आंदोलन ही करना पड़ता है, जबकि जनता की शिकायतें मिलने पर मनपा प्रशासन द्वारा खुद ध्यान दिया जाना चाहिए. डेंगू से बचने से उपाय योजना की बजाय केवल जनजागृति मुहिम चलाई जाती है. वह भी इस वर्ष नजर नहीं आ रही है. 

    मनपा नहीं गंभीर : मंजू

    समाज सेविका मंजू चाचेरकर ने बताया कि परिसर में नागरिकों की मदद के लिए एम्बुलेंस सेवा उपलब्ध कराई. साथ ही कीटनाशक की फव्वारणी भी कराई गई, जबकि यह कार्य मनपा प्रशासन का है. प्रशासन द्वारा अब तक परिसर में सर्वे तक नहीं किया गया है. एक बार सर्वे होने से यह स्पष्ट हो पाता था कि कितने लोग डेंगू से पीड़ित हैं लेकिन मनपा प्रशासन की लापरवाही साफ तौर पर देखने को मिल रही है.