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नागपुर: जीएसटी आसूचना महानिदेशालय (Directorate General of GST Intelligence) (डीजीजीआई) ने 621.60 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी (Fraud) वाले लेनदेन का भंडाफोड़ (Busted) किया है। इसमें फर्जी इनवॉइस (Invoice) या बिलों (Bills) के जरिए  31.08 करोड़ रुपये का जाली इनपुट कर  क्रेडिट (Input Tax Credit) (आईटीसी) भी शामिल है। इस मामले में महाराष्ट्र के यवतमाल जिले (Yavatmal District) से चार प्रोप्राइटरों को गिरफ्तार किया गया है। 

डीजीजीआई की नागपुर जोनल इकाई (Nagpur Zonal Unit) की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि, जाली इनवॉइस रैकेट के बारे में सूचना मिलने के बाद डीजीजीआई के अधिकारियों ने यवतमाल जिले में कई स्थानों पर छापेमारी की। 

जांच और पूछताछ के बाद यह तथ्य सामने आया कि यवतमाल जिले में चार टैक्स पेयर, वस्तुओं और सेवाओं की आपूर्ति के बिना जाली इनवॉइस जारी कर रहे हैं और धोखाधड़ी से आईटीसी प्राप्त कर रहे हैं। इन करदाताओं ने खुद को कमीशन एजेंट घोषित किया हुआ था। उनकी गतिविधियों को लेकर संदेह तब पैदा हुआ क्योंकि ये कागज पर भारी लेनदेन दिखा रहे थे, जबकि ये महाराष्ट्र के दूरदराज के क्षेत्र में स्थित थे, जहां कोई बड़ा औद्योगिकी केंद्र नहीं है। 

जांच में पता चलता कि इन करदाताओं ने 621.60 करोड़ रुपये का जाली लेनदेन दिखाया और सामूहिक रूप से 31.08 करोड़ रुपये का आईटीसी हासिल किया या आगे दिया। इन चारों व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।