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  • उत्तर भारतीय सभा की मांग, ADRM को सौंपा ज्ञापन

नागपुर. जिले में रह रहे करीब 14 लाख उत्तर भारतीयों को अयोध्या, प्रयागराज, काशी जैसे शहरों के लिए बेहद सीमित ट्रेनें उपलब्ध होने से उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. ऐसे में नागपुर से अयोध्या और गया शहरों के लिए सीधी ट्रेन चलाई जाएं ताकि लाखों उत्तर भारतीयों को अपने पैतृक गांव आने-जाने में सहूलियत हो. उत्तर भारतीय सभा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष उमाकांत अग्निहोत्री तथा जिला अध्यक्ष रामप्रताप शुक्ला ने इस मांग के साथ मध्य रेल नागपुर मंडल के अपर मंडल रेल प्रबंधक अनूप सत्पथी को ज्ञापन सौंपा और मांग की.

आरक्षण कोटा भी बेहद कम

सत्पथी को बताया गया कि शहर से उत्तर भारत को जाने वाली लगभग सभी ट्रेनें दक्षिण भारत से शुरू होती है जो अपने पहले स्टेशन से हाउसफुल हो जाती हैं. वहीं नागपुर से बेहद कम आरक्षण कोटा है. इससे यहां से चढ़ने वाले यात्रियों की संख्या अधिक जबकि कन्फर्म टिकट बेहद कम होती है. यह भी यात्रियों की बड़ी परेशानियों में से एक है. ऐसे में नागपुर और विदर्भ के उत्तर भारतीयों को अपने परिजनों के दुख में भी शामिल होने का मौका नहीं मिल पाता. यदि यहां से सीधी ट्रेन चले तो यह परेशानी हमेशा के लिए समाप्त हो सकती है.

व्हाया गोंदिया-जबलपुर चलायें ट्रेनें

शुक्ला ने कहा कि इटारसी, जबलपुर होते हुए प्रयागराज, पटना आदि उत्तर भारतीय शहरों को चलने वाली ट्रेनों का लंबा सफर तय करना पड़ता है. जबकि नागपुर से इटारसी और इटारसी से जबलपुर के बीच इन ट्रेनों को काफी समय लगता है. इस रूट से बहुत अधिक यात्री भी नहीं मिलते क्योंकि ये ट्रेनें पहले ही फुल चलती हैं. वहीं गोंदिया से बालाघाट, नैनपुर होते हुए जबलपुर तक ब्राडगेज ट्रैक बनाया जा चुका और इसका सीआरएस भी हो चुका है. बेहतर होगा कि इन ट्रेनों को अब इस रूट से चलाया जाये. इससे यात्रा का समय काफी कम हो जायेगा जो यात्रियों के लिए फायदेमंद साबित होगा.

कुछ ट्रेनों को मिले विस्तार

दोनों ने एक स्वर में कहा कि अनलॉक प्रक्रिया के तहत पूरे देश में यात्री ट्रेनों का परिवहन बढ़ चुका है. यात्रियों की संख्या भी बढ़ रही है. ऐसे में कुछ ट्रेनों को विस्तार देने से भी हजारों यात्रियों का लाभ मिल सकता है. इनमें अमरावती-जबलपुर-अमरावती एक्सप्रेस को प्रयागराज और गोंदिया-बरौनी-गोंदिया एक्सप्रेस को व्हाया नागपुर चलाया जाये. इसके अलावा अध्योध्या सप्तपुरियों का शीर्ष है. इसे देश के हृदय यानि नागपुर से जोड़ने के लिए भी ट्रेनें चलाई जानी चाहिए. इस दौरान रामलखन तिवारी, इंद्रेसन सिंह, टीपी तिवारी, एमएम शर्मा, जयप्रकाश पांडे, प्रवीण सिंह, नरेन्द्र पांडे, अंबरीश दुबे, मनोज सोनी आदि उपस्थित रहे.