Drain, Nala, Nagpur
File Photo

    नागपुर. पूरे शहर में नदियों व नालों की मशीनों से सफाई की जा रही है लेकिन सिटी की बस्तियों से होकर गुजरने वाले संकरे नालों की सफाई ही नहीं की जा रही है. ऐसे अनेक नाले हैं जो शहर की बस्तियों से होकर गुजरते हैं. इनमें कचरा व गंदगी भरी पड़ी है. सफाई हो नहीं रही है. काला व गंदा पानी दुर्गंध दे रहा है. साथ ही मच्छर बढ़ रहे हैं. ऐसे नालों के किनारों पर स्थित घरों में मच्छरों से बीमारी होने का खतरा बढ़ रहा है. मनपा का स्वास्थ्य विभाग मच्छरों को मारने के लिए फागिंग भी नहीं कर रहा है.

    हालत यह है कि नागरिक दुर्गंध और बढ़ते मच्छरों से परेशान हो रहे हैं. दक्षिण नागपुर में अयोध्यानगर, जम्बूदीपनगर, महालक्ष्मीनगर आदि कई बस्तियों से होकर गुजरने वाले जम्बूदीपननगर नाले की सफाई का काम कई दिनों से नहीं किया गया है. महालक्ष्मीनगर-2 वाले हिस्से में इस नाले में बड़ी-बड़ी झाड़ियां उग आई हैं. यह बरसाती नाला है लेकिन इसमें गटर का गंदा पानी छोड़ा जाता है. यह पानी झाड़ियों व कचरे के कारण जाम हो रहा है जिससे दुर्गंध उठ रही है और मच्छरों की पैदावार हो रही है. यह परिसर के नागिरकों के स्वास्थ्य के लिए खतरा बन गया है.

    बड़े कामों में व्यस्त विभाग

    मनपा का स्वास्थ्य विभाग ऐसी नदियों और चौड़े नालों की ही सफाई करने में जुटा हुआ है जहां जेसीबी मशीन उतारी जा सकती हो. संकरे हिस्सों और संकरे नालों की सफाई तो की ही नहीं जा रही है. चाहे वह जम्बूदीपनगर का नाला हो या उत्तर नागपुर का चंभार नाला या फिर अन्य कोई नाला, कहीं भी सफाई होती नजर नहीं आ रही है. अब तो मानूसन आने भी कुछ ही दिन शेष रह गए हैं. अगर सिटी के भीतरी नालों की सफाई नहीं की गई तो ये कचरे से भरे नाले कहर ढा सकते हैं. बारिश के दिनों में ये नाले ओवरफ्लो होकर निचली बस्तियों में पानी घुसता है. अगर अभी से सफाई नहीं की गई तो आगामी दिनों में ये नाले मुसीबत पैदा करेंगे. अभी तो यहां मच्छर व मक्खियों की पैदावार हो रही है जो स्वास्थ्य के लिए खतरा बन रहे हैं.