Double Murder in Nagpur

नागपुर. वर्चस्व की लड़ाई में एक अपराधी ने अपनी गैंग के साथ मिलकर 2 युवकों का गेम कर दिया. दिघोरी से अपहरण कर दोनों युवकों को कार में डोंगरगांव शिवार ले जाया गया. वहां धारदार हथियारों और पोल से प्रहार कर दोनों को मौत के घाट उतार दिया. रविवार की रात हुई इस वारदात से पूरे दिघोरी परिसर में हड़कंप मच गया है. लोकल क्राइम ब्रांच ने इस मामले में 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.

पकड़े गए आरोपियों में नीलकमल नगर, नरसाला रोड निवासी बाल्या उर्फ जागेश्वर संतोषराव दुधनकर (33), भांडेवाड़ी, पारडी निवासी राहुल श्रावण लांबट (27) और शक्तीमातानगर, खरबी रोड निवासी निशांत प्रशांतराव शहाकार (23) का समावेश है. मृतकों में दिघोरी निवासी कुणाल सुरेश चरडे (29) और सुशील सुनील बावने (24) का समावेश है. कुणाल दिघोरी परिसर में पानठेला चलाता है. बाल्या लंबे समय से अपराधजगत में सक्रिय है, लेकिन हर बार बच जाता है. वह पहले बीट्स ग्रुप के साथ था, लेकिन पैसे के व्यवहार की अनबन में उसने ग्रुप से दूरी बना ली और अलग ग्रुप बना लिया. 

परिसर में बना रहा था वर्चस्व

विजू मोहोड़ की हत्या के बाद से दिघोरी और नरसाला परिसर में कोई और अपराधी खड़ा नहीं हो पाया. वहीं हत्या के मामले में बीट्स ग्रुप के अधिकांश अपराधी जेल में होने के कारण बाल्या ने परिसर में वर्चस्व बनाना शुरु किया. जमीनों पर कब्जे से लेकर तो हफ्ता वसूली तक बाल्या सक्रिय था. कुणाल किसी समय दिलीप ठवकर से जुड़ा था. इस वजह से बाल्या और कुणाल की बनती नहीं थी. बाल्या ने कई बार उसे दबाने का प्रयास किया, लेकिन वह डटकर सामना करता था.

रविवार की शाम बाल्या और उसके साथी दिघोरी परिसर में स्थित पानठेले पर गए. वहां कुणाल के साथ बाल्या की अनबन हो गई. तब तो मामला निपटा गया, लेकिन कुणाल और सुशील ने शराब पीने के बाद बाल्या के घर पर जाकर गालीगलौच की. उस समय बाल्या घर पर नहीं था. बाल्या को इस बात का पता चला. वह घर से तलवार और माउजर लेकर दिघोरी परिसर में पहुंचा, लेकिन तब कुणाल हाथ नहीं लगा. परिसर के लोगों धमकाते हुए बाल्या ने 2 राउंड फायर भी किए और फरार हो गए. 

कार में किया अपहरण 

रात 11 बजे के दौरान कुणाल और सतीश दिघोरी में ही बाल्या के हाथ लग गए. दोनों नशे में धुत थे. बाल्या और उसके साथियों ने दोनों को कार में बैठाया. डोंगरगांव शिवार में ले जाकर तलवार-चाकू से वार किए. पास पड़ा कांक्रीट का पोल उठाकर दोनों के सिर पर मारा. उन्हें मौत के घाट उतारने के बाद फरार हो गए. सोमवार की सुबह 7 बजे के दौरान स्थानीय नागरिकों को सड़क किनारे लाश दिखाई दी. घटना की जानकारी पुलिस को दी गई. कुही पुलिस और एलसीबी के अधिकारी मौके पर पहुंचे. एसपी राकेश ओला, एडिश्नल एसपी राहुल माकणीकर और डीवायएसपी संजय पुरंदरे ने घटना का जायजा लिया. ग्रामीण पुलिस ने कुही परिसर में स्थित एक खेत से तीनों आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा किया है, लेकिन जानकारों का कहना है कि कन्हान के किसी पुलिसकर्मी ने तीनों को सरेंडर करवाया. 

प्लानिंग के साथ किया काम

बाल्या की गैंग ने पूरी प्लानिंग के साथ वारदात को अंजाम दिया. वह जानता था कि शहर में कोई कांड करने पर मोका की कार्रवाई होना तय है. जबकि ग्रामीण में मामला दर्ज होने से वह जेल में कम समय ही रहेगा. बताया जाता है कि रात में उसके साथ 8 लोग थे. दिघोरी से लेकर बाल्या के घर तक सभी जगह कैमरे लगे हुए है. लंगड़ा नामक व्यक्ति के पानठेले पर भी कैमरे लगे है. यदि सीसीटीवी फुटेज की सही जांच हुई तो बाल्या की असलियत सामने आ जाएगी. बताया जाता है कि बाल्या पिछले कुछ समय से बीट्स ग्रुप के साथ प्रतिस्पर्धा में लगा था. वह दिघोरी परिसर में अकेले अपना वर्चस्व जमा रहा था. इसी बात को लेकर उसकी ठवकर से भी ठनी हुई थी.