डॉ. पी. अन्बलगन: काम के बदौलत अपनी अलग पहचान बनाने वाला सफल अधिकारी

नागपुर: वर्तमान में कोरोना वायरस शहरों के साथ-साथ गावों में भी फ़ैल रहा है। इस बीच देश में कुछ रियायतों के साथ पांचवां लॉकडाउन शुरू है। हालांकि इस लॉकडाउन में लोगों को कन्टेंटमेंट ज़ोन के अलावा काफी ढील दी गई है। सभी दुकान, उद्योग खुले किये गए है। लेकिन पांचवें लॉकडाउन के दौरान राज्य में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ते दिखाई दे रहे है। इस बीच प्रशासन के सामने कई चुनौतियां आई है।

लॉकडाउन के दौरान नवभारत ने अपने पाठकों के लिए कोरोना से पैदा हुई हर चुनौतियों से अवगत कराने का प्रयास किया। इसके लिए राज्य के बड़े-बड़े राजनीतिज्ञों और बड़े अधिकारियों को नवभारत ई-चर्चा के माध्यम से रूबरू कराया। इस बार भी ऐसी ही एक हस्ती आपके साथ जुड़ेगी। महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी  डॉ. पी. अन्बलगन , ‘कोविड के पश्चात्: प्रशासनिक चुनौतियां’ विषय पर 30 जून शाम 6 बजे, नवभारत ‘ई-चर्चा’ कार्यक्रम में, नवभारत के फेसबुक पेज (facebook.com/enavabharat) पर लाइव होंगे।

डॉ. पी. अन्बलगन प्रशासनिक सेवा क्षेत्र में एक ऐसा नाम है जो अपने काम के लिए जाने जाते है. पेशे से डॉक्टर अन्बलगन का जन्म तमिलनाडु राज्य में हुआ है.वह बचपन से ही पढाई में काफी आगे थे. उन्होंने मेडिकल की पढ़ाई के बाद यूपीएससी पास कर महाराष्ट्र कैडर के अधिकारी बने. वर्तमान में वह महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के तौर पर कार्यरत है. 

 डॉ. अन्बलगन ने अपने काम से महाराष्ट्र से लेकर पुरे देश में अपना अलग नाम बनाया है. कोरोना वायरस के बढ़ते प्रसार के दौरान लगाए गए देशव्यापी लॉकडाउन में उन्होंने बेहतरीन और तारीफे काबिल काम किया। लॉकडाउन के वजह से कई कई प्रवासी मज़दूर महाराष्ट्र के कई जिलों में फँस गए थे. जिनको उनके गृह राज्यों में पहुंचने के लिए व्यवस्था उन्होंने की और इन मजदूरों को उनके घर तक पहुंचाया।