कर्मचारियों को अभी भी न्याय मिलना बाकी

  • रद्द नहीं, स्थगित की है अनिश्चितकालीन हड़ताल

नागपुर. राज्य सरकार द्वारा 7वां वेतन आयोग लागू किए जाने के बावजूद मनपा कर्मचारियों को इससे वंचित रखे जाने के खिलाफ राष्ट्रीय नागपुर कार्पोरेशन एम्प्लाइज एसोसिएशन ने कई बार आंदोलन किए. यहां तक कि हाल ही में गत माह एक दिन कर्मचारियों ने होम क्वारंटाइन रहकर सामूहिक अवकाश लेकर विरोध प्रदर्शन भी किया. इसके बावजूद प्रशासन ने कोई निर्णय नहीं लिया, जिससे संगठन ने 14 दिसंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल करने का निर्णय लिया था. अब राज्य सरकार की ओर से 7वां वेतन आयोग देने के कारण फिलहाल अनिश्चितकालीन हड़ताल तो टाल दी गई है, किंतु कर्मचारियों को अभी भी न्याय मिलना बाकी है. इसलिए हड़ताल पूरी तरह रद्द नहीं की गई है, केवल स्थगित की है. संगठन ने सभी कर्मचारियों को 14 से काम पर पहुंचने की हिदायत भी जारी की.

बकाया और PF का मसला है बचा

सूत्रों के अनुसार मनपा कर्मचारियों को छठवां वेतन आयोग लागू तो किया गया, किंतु जिस दिन से लागू किया गया, उसका बकाया अब तक अदा नहीं किया गया है. लगभग 59 माह का बकाया होने से 7वें वेतन आयोग के साथ ही इस बकाया का भी भुगतान करने की मांग संगठन की ओर से की गई थी. कर्मचारियों को फिलहाल 7वां वेतनमान देने के निर्देश राज्य सरकार ने जारी किए हैं. किंतु बकाया के संदर्भ में अभी भी मनपा को निर्णय लेना बाकी है. इसके अलावा कर्मचारियों की पीएफ निधि मनपा द्वारा अन्य कार्यों के लिए खर्च की गई है, जबकि कानूनन इस तरह से कर्मचारियों की पीएफ निधि अन्य कार्यों के लिए खर्च नहीं की जा सकती है. अत: भविष्य में इन मांगों को लेकर संघर्ष जारी रखने की जानकारी भी सूत्रों ने दी. 

पालक मंत्री का माना आभार

मनपा के कर्मचारियों, शिक्षकों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार संशोधित वेतन श्रेणी लागू करने के लिए पहल करने वाले पालक मंत्री नितिन राऊत का मनपा मागासवर्गीय कर्मचारी संगठन की ओर से आभार व्यक्त किया गया. संगठन ने कहा कि कर्मचारियों की मांगों को लेकर तत्कालीन सरकार से कई बार अनुरोध किया गया था, किंतु मामला लंबित रहा है. राज्य में सत्ता बदलते ही पालक मंत्री द्वारा इसके लिए विशेष प्रयास किए गए जिससे कर्मचारियों को न्याय मिल सका है. संगठन सचिव अशोक कोल्हटकर, कार्यकारी अभियंता राजेश भूतकर, राजेश रहाटे, अलका गावंडे, कल्पना मेश्राम, पांडुरंग जगताप, विशाल शेवारे, विनोद धनविजय, जयंत बन्सोड, विनोद राऊत, अधीर बन्सोड, अधि. अमोल रामटेके, राजेश वासनिक आदि उपस्थित थे.