Taxi, Migrants

  • पुलिस ने ऐसे वाहनों पर की कार्रवाई
  • नियमों के पेंच में उलझ गए यात्री

नागपुर. जिले में कोरोना का संक्रमण फैलता जा रहा है वैसे-वैसे मजदूरों का पलायन और भी तेज होता जा रहा है. दूसरे स्टेट में जाने के लिए मजदूरों को सबसे ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. मध्य प्रदेश में महाराष्ट्र की बसों पर रोक लगा दी गई है. ऐसे में एमपी के मजदूर प्राइवेट बोलेरो और टैक्सी के माध्यम से अपने घर लौट रहे हैं. सोमवार को प्रवासी मजदूर बोलेरो से अपने घर वापस जा रहे थे. उसी वक्त गणेशपेठ पुलिस की टीम पहुंच कर वाहनों पर कार्रवाई की. बोलेरो में तय यात्री से ज्यादा यात्री सवार थे. मजदूर वापस घर जाने के लिए कई तरह की जुगत लगा रहे हैं. ऐसे में उनको जो भी सुविधा मिल जाए वह उसके साथ ही अपने घर लौट रहे हैं. लेकिन सोमवार को पुलिस ने ऐसे वाहनों पर भी चालानी कार्रवाई की.

ट्रैवल एजेंसियों के पास नया रास्ता

कार और टैक्सी के माध्यम से यात्रियों को उनके गांव पहुंचाया जा रहा है. मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में फिलहाल बसों को जाने में परेशानी हो रही है. ऐसे में यहां के मजदूरों को टैक्सी और बोलेरो जैसे बड़े कारों में घर पहुंचाया जा रहा है. इसकी कीमत भी काफी वसूली जा रही है. अब जिन मजदूरों के पास घर जाने का कोई रास्ता नहीं है वह टैक्सी से ही अपने घर जाने के लिए हजारों रुपए तक दे रहा है. 

ट्रेनों में बढ़ गई है भीड़

मजदूरों के पास ट्रेन से जाने का भी रास्ता मुश्किल भरा है. ट्रेन में इन दिनों यात्रियों की संख्या काफी ज्यादा है. यात्रियों को ट्रेन के दरवाजे और शौचालय के पास तक बैठकर सफर करना पड़ रहा है. वहीं, ट्रेन में सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन नहीं होने से यात्री बस और टैक्सी को ही प्राथमिकता दे रहे हैं. वहीं, जहां ट्रेन नहीं जाती वहां के यात्रियों को मनमाना किराया देकर अपने घर जाना पड़ रहा है.

पैदल भी घर जा रहे मजदूर

लॉकडाउन में अब प्रवासियों के पास खाने तक की समस्या सामने आने लगी है. ऐसे में प्रवासी मजदूर ट्रेन, बसें और अन्य साधन के अलावा पैदल भी अपने घर जाने के लिए निकल पड़े हैं. यहां रहने से मजदूरों ने पैदल घर जाना ही जरूरी समझा. सिटी की स़ड़कों और आउटर में इसी तरह पैदल अपने गांव जाने वाले मजदूर बड़ी संख्या में नजर आ जाएंगे.