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    नागपुर. शासकीय मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में एक सनसनीखेज मामला सामने आया. पिछले 2 महीनों से मरीजों का इलाज कर रहे फर्जी डॉक्टर को गुरुवार की दोपहर पकड़ा गया. उसे अजनी पुलिस के हवाले किया गया. आश्चर्य की बात ये है कि एप्रॉन पहनकर परिसर में घूम रहे फर्जी डॉक्टर ने कई मरीजों की जांच और इलाज किया. पकड़ा गया आरोपी महल निवासी सिद्धार्थ जैन (25) बताया गया.

    जानकारी के अनुसार सिद्धार्थ मूलत: अहमदाबाद का रहने वाला है. कुछ समय पहले परिवार नागपुर आ गया. उसकी मां मेस का व्यवसाय करती है, जबकि उसने नर्सिंग का कोर्स किया है. पिछले 2 महीनों से वह परिसर में डॉक्टर का एप्रॉन पहनकर अलग-अलग वार्ड में जाता था. वहां मरीजों की जांच करता था और इलाज भी बता देता था.

    निवासी डॉक्टरों द्वारा पूछताछ किए जाने पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) होने की जानकारी देता था, जबकि सीएमओ द्वारा पूछने पर खुद को निवासी डॉक्टर बताता था. चालबाजी में उसका काम चलता रहा. 4 दिन पहले कुछ डॉक्टरों को उस पर संदेह हुआ. उसके बारे में अजनी पुलिस को जानकारी दी गई.

    पुलिस के पहुंचने से पहले वह वहां से भाग चुका था. तब से पुलिस और खुद डॉक्टर भी परिसर में निगरानी कर रहे थे. गुरुवार की दोपहर फिर वह अस्पताल में पहुंच गया. युवा डॉक्टरों ने उसे पकड़ लिया और अजनी पुलिस को जानकारी दी. पुलिस मौके पर पहुंची और सिद्धार्थ को हिरासत में ले लिया. वह ऐसा क्यों कर रहा था यह तो पता नहीं चल पाया है लेकिन इसके पहले भी कुछ एप्रॉन पहने फर्जी डॉक्टर परिसर में पकड़े जा चुके हैं. वह मरीजों को निजी अस्पतालों में भेजने का काम करते हैं.