Citizens troubled by bad settlements, mud, dirt in division 3

नागपुर. सड़के और पानी निकासी की जगह नहीं होने के कारण कई बस्तीयां तालाब में तब्दील हो गई है. अन्य ग्रामीण क्षेत्र के साथ इसमें मौजा खरबी की कई बस्तीयां शामिल है. स्मार्ट सिटी के तर्ज पर काम करने के बाद भी ग्रामपंचायत अंतर्गत आने वाली नवनाथ नगर, राखुंडे नगर जैसी अन्य बस्तीयां विकास से कोसों दूर है. इन बस्तीयां में मूलभूत विकास के नाम पर केवल मजाक किया जा रहा है. यह समस्या एक दो नहीं बल्की 15 वर्षों से बनी हुई है.

जलजमाव, खराब सड़के, दुषितजलापूर्ती समेत अन्य समस्याओं के कारण प्रशासन के प्रति नागरिकों में रोष बढता जा रहा है. नवनाथनगर, राखुंडे नगर विकास संघर्ष व बहुउद्देशीय कृषी समिती द्वारा संबंधित विभाग को कई बार शिकायत करने के बाद भी प्रशासन के अधिकारी कुंभकरणी निंद में है. 

बीमारीयों से परेशान निवासी
स्थानीय नागरिकों को कहना है कि 15 वर्ष पहले नासुप्र ने परिसर में गटर के बड़े चेम्बन बनाये थे जो कि अब मिट्टी में मिल चुके है. इसके अलावा परिसर सड़के बेहद खराब हो चूकी है. सड़कों पर कई गहरे गड्डें हो गए है. बारीश के दौरान पानी जमा होने से कई नागरिकों को कई प्रकार की समस्याओं का  सामना करना पड रहा है. पानी निकासी की व्यवस्था नहीं होने के कारण हालही में हुई मुसलाधार बारीश में परिसर में जलजमाव हो गया है. खरबी की ग्रामपंचायत अंतर्गत आने वाली अधिकतर बस्तीयां तालाब में तब्दील हो गई है. जलजमाव होने से परिसर में डेंगू, मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ गया है. पानी निकासी की कोई व्यवस्था नहीं होने से बारीश का पानी घरों में घुस रहा है, जिससे लोगों का घरों का सामना खराब हो रहा है. परिसर में स्थित आंगनवाड़ी में भी पानी घुस जाता है. 

पालकमंत्री के आदेश पर भी लापरवाही
समिती के अध्यक्ष नायगावकर ने कहा कि बहादुरा के ग्रामपंचायत के पदाधिकारियों को कई बार निवेदन दिये गए किंतु आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला. इसके बाद पालकमंत्री व जिलापरिषद को शिकायत करने पर उन्होंने ग्रामपंचायत को गड्ढें बूझाने और विकास कार्यों को पूरा करने के ओदश दिये. खंडविकास विस्तार अधिकारी चव्हाण को परिसर का दौरा कर ग्रामविकास अधिकारी घागरे को समस्या का निवारण के आदेश दिये गए. बावजूद पालकमंत्री के आदेश पर कोई ध्यान नहीं दिया रहा है. नागरिकों की मांग है कि जिलाधिकारी व मनपा आयुक्त इस मामले की जांच के लिए एक समिती का गठण करें और नागरिकों को समस्या से छुटकारा दिलाए.