Retailers learn the art of living with the corona virus: Gadkari

  • केन्द्रीय मंत्री गडकरी ने जताया विश्वास

नागपुर. देश में हर वर्ष होने वाले गेहूं, चावल, मक्का व गन्ना से जैविक ईंधन का निर्माण हुआ तो देश का किसान और पिछड़ा हुआ ग्रामीण भाग सुखी, सम्पन्न और समृद्ध हो जाएगा. इथेनाल, मिथेनाल, सीएजी, बायो सीएनजी, इलेक्ट्रिक ये ईंधन ही अब देश का भविष्य होने वाले हैं. डीजल और पेट्रोल जैसे 100 जैविक ईंधन किसान तैयार कर देश को देंगे, यह विश्वास केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने जताया है.

प्राज इंडस्ट्री व वीणा गवाणकर द्वारा लिखित एक पुस्तक ‘एक होता कार्वर’ के विमोचन समारोह में वे वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से संबोधित रहे थे. उन्होंने कहा कि अमेरिका के ग्रामीण भाग को दिशा देने का काम कार्वर ने किया था. हमारे देश में स्थिति उलटी है. पहले 80 फीसदी लोग ग्रामीण भागों में रहते थे लेकिन अब यह संख्या घटकर 65 फीसदी पर आ गई है. शहरीकरण अधिक हो रहा है. कृषि और ग्रामीण क्षेत्र आर्थिक दृष्टि से सक्षम नहीं होने के कारण शहरीकरण अधिक हो रहा है.

किसानों ने की आत्महत्या

गडकरी ने कहा कि खेती में घाटा होने के कारण विदर्भ में हजारों किसानों ने आत्महत्या की है. कृषक अड़चन में हैं. उनकी स्थिति भयावह है. किसान कर्ज में पैदा होता है, कर्ज में जीता और कर्ज में मरता है. उनके जीवन को सुधारने, उनके सामाजिक-आर्थिक व शैक्षणिक विकास की जरूरत है. आज शक्कर का अतिरिक्त उत्पादन होने से कारखानेदार अड़चन में आ गए हैं. इथेनाल और ग्रीन पॉवर निर्मिति से ही कारखानों का उद्धार हो सकता है. कृषि क्षेत्र को अब ऊर्जा, जैविक ईंधन निर्माण की ओर दिशा देने की बेहद आवश्यकता है. 

आयात पर निर्भरता करनी होगी खत्म

आज ईंधन के लिए हम 80 फीसदी आयात पर निर्भर हैं. क्रूड आइल का 8 लाख करोड़ रुपयों का आयात करना पड़ रहा है. इससे प्रदूषण भी बढ़ रहा है. मानव जीवन संकट में आ रहा है. जब तक हम ईंधन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर नहीं बनेंगे तब तक ग्रामीण भाग और किसान समृद्ध नहीं होंगे. देश का 8 लाख करोड़ रुपये हर वर्ष बचेगा. इसका विचार करते हुए इथेनाल, मिथेलान, सीएनजी, बायो सीएनजी ईंधनों के निर्माण किया जाना चाहिए. वाहन जैविक ईंधन पर चलेंगे जिससे अर्थव्यवस्था मजबूत होगी. रोजगार का निर्माण होगा. शहर से लोग फिर अपने गांवों को लौटने लगेंगे और देश सुखी-सम्पन्न व समृद्ध होगा. उन्होंने कहा कि जैविक ईंधन की अर्थव्यवस्था 5 लाख करोड़ की होगी व 1 करोड़ युवाओं को रोजगार मिलेगा. उन्होंने विश्वास जताया कि देश आत्मनिर्भर होगा.