Sanjay Rathod Visited Rescue Center

  • CCTV से दिखी बाघिन की गतिविधि

नागपुर. पांढरकवड़ा वन विभाग में उत्पात मचाने वाली बाघिन टी1सी1 को सेमिनरी हिल्स स्थित ट्रान्झिट ट्रिटमेंट सेंटर में क्वारंटाइन किया गया है. बाघिन को देखने के लिए वनमंत्री संजय राठौड़ ने शनिवार की दोपहर रेसक्यू सेंटर का दौरा किया. उन्होंने पशूवैद्यकीय अधिकारियों से बाघिन के स्वास्थ्य बारे में चर्चा की. बाघिन की आक्रमकता को देखते हुए उसे मनुष्यों से दूर रखा गया है. इसलिए उन्होंने केज में लगे सीसीटीवी लाइव फूटेज के माध्यम से बाघिन का निरीक्षण किया.

बाघिन की स्वस्थ्य देखते हुए वनमंत्री ने संबंधित वनाधिकारी, पशूवैद्यकीय अधिकारी व कर्मचारी को सरहाया. इस अवसर पर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) नितिन काकोड़कर, मुख्य वनसंरक्षक कल्यानकुमार, उपवनसंरक्षक प्रभू नाथ शुक्ल, मानद वन्यजीव रक्षक कुंदन हाते, सहायक वनसंरक्षक काले, डॉ. सय्यद बिलाल अली, डॉ. मयुर पावशे, डॉ. चेतन पातोंड उपस्थित थे.

बाघिन की रिहाई पर जल्द फैसला
पीसीसीएफ नितिन काकोडकर ने बताया कि बाघिन की हालत अच्छी है. खुन की जांच करने के बाद उसकी सारी रिपोर्ट सामान्य आई है. इसलिए बाघिन को निसर्ग मूक्त करने पर विचार किया जा रहा है. बाघिन को एक बार निसर्ग मूक्त करने के लिए एक समिति गठित की गई है. सोमवार को होने वाली समिति के बैठक में इस संदर्भ में विचार किया जाएगा. फिलहाल तो बाघिन रेस्क्यू सेंटर में ही रहेगी. जल्द ही उसे छोड़ने का फैसला लिया जाएगा. बाघिकन के केज में पशूवैद्यकीय अधिकारी के अलावा किसी भी कर्मचारी को जाने की अनूमती नहीं है. सेंटर के कुछ कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव आने के बाद उन्हें क्वारंटाइन कर परिसर को सैनिटाइज किया गया है. सभी अधिकारी व कर्मचारी बाघिन की सूरक्षा में दिन रात काम कर रहे है.

महिला का किया था शिकार
पिछले 2 महीनो से पांढरकवड़ा के अंधारवाड़ी वासरी कोपामांडवी के कोब्बई परिसर में बाघिन ने आतंक मचा रखा था. एक महिला का शिकार करने के साथ ही बाघिन ने एक किसान पर हमला कर उसे घायल कर दिया था. इसके अलावा बाघिन आस पास के कई पालतू मवेशियों को अपना निवाला बना चुकी है. बाघिन की आक्रमकता को देखते हुए ग्रामीण नागरिकों के साथ कोई बड़ी घटना न हो इसलिए वनमंत्री राठौड़ ने बैठकी ली. इसके बाद पीसीसीएफ नितिन काकोडकर ने उसे पकड़ने के आदेश जारी किये. उसे पकड़ने के लिए अमरावती वन विभाग से एसटीपीएफ जवानों समेत पेंच बाघ प्रकल्प से डॉक्टरों के साथ करीब 40 लोगों की टीम बूलाई गई. 23 सितंबर की सुबह कोपामांडवी के कोब्बई परिसर से नरभक्षी बाघिन को ट्रैन्क्यूलाइज कर पकड़ लिया गया. दोपहर 2.45 बजे उसे सिटी के रेस्क्यू सेंटर लाया गया. बाघिन की वैद्यकिय जांच करने के बाद उसे क्वारंटाईन किया गया हैं. हालांकि बाघिन में कोरोना के कोई लक्षण नहीं मिले हैं.