समझौता करने गए दोस्त की हत्या

  • 24 घंटे के भीतर आरोपियों को धरदबोचा

नागपुर. दोस्त के पुराने विवाद को लेकर समझौता करना एक युवक को महंगा पड़ गया. सदर थाना अंतर्गत गोवा कॉलोनी में उस समय हड़कंप मच गया गुरुवार की रात कुछ लोगों ने चाकू और रॉड से वार कर 25 वर्षीय एक युवक की हत्या कर दी. मृतक का नाम गुलशन गोपाल कनोजिया (25) है और वह आजाद चौक धोबीपुरा का निवासी है. मृतक अपने दोस्त अक्षय फुरसुंगे के विवाद मैटर को सुलझाने के लिए गया था. जहां अक्षय के दुश्मनों ने उसी पर ही हमला बोल दिया और चाकू से वार कर गुलशन को मौत के घाट उतार दिया.

पुलिस ने घटना को गंभीरता से लेते हुए 24 घंटे के भतीर हत्या के सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपियों में लाला गार्डन समीप मोहननगर सदर निवासी करण मडावी (23), नई बस्ती मंगलवारी सदर निवासी सोहेल कमर अली (22) और जगदीशनगर हजारीपहाड़ गिट्टीखदान निवासी अंशुल जगतनारायण सिंह (23) का समावेश है.

चाकू और रॉड से चहरे पर किया वार

गुलशन कनोजिया यह अक्षय फुरसुंगे का दोस्त था. अक्षय का बंटी कुरैशी से किसी बात को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा था. बंटी ने यह बात अपने बड़े भाई आसिफ कुरैशी को बताई. अक्षय बैच मेट होने के कारण आसिफ ने उससे इस बारे में बात कर मामले को निपटाने के लिए कहा. समझौते के लिए आसिफ ने अक्षय को मंगलवारी चौक स्थित अपने पानठेले पर बुलाया. अक्षय किसी कारणवश वहां नहीं जा पाया लेकिन उसने अपने मित्र गुलशन को बातचीत कर मामले को सुलझाने के लिए वहां भेजा. गुलशन जब पानठेले पर अपने भाई रोहित के साथ पहुंचा तो वहां आसिफ के साथ और भी लोग खड़े थे.

बातचीत के दौरान मामला सुलझने के बजाए और बढ़ गया. गुलशन के घुर के देखने पर आसिफ ने उसके साथ झगड़ा शुरू कर दिया. मामला इतना बढ़ गया कि आरोपी उसके साथ मारपीट करने लगे. जब वह अपनी जान बचाने के लिए वहां से भागा तो आरोपियों ने उसका पीछा किया. गोवा कॉलोनी के पास गुलशन को आरोपियों ने घेर लिया और आरोपी सोहेल ने धारदार चाकू से उस पर वार करना शुरू कर दिया. वहीं आरोपी करण ने लोहे की रॉड से उसके सिर पर वार कर उसे जान से मार दिया. 

भीड़ ने एक आरोपी को पकड़ा

चिल्लाने की आवाज सुनकर परिसर के नागरिक घर से बाहर निकल गए. लोगों की भीड़ जमा होते देख सभी आरोपी वहां से भाग निकले, लेकिन एक आरोपी को भीड़ ने पकड़ लिया. जख्मी गुलशन को कुछ ऑटो चालक उपचार के लिए उसे अस्पताल ले गए, किंतु डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. स्थानीय नागरिकों ने पुलिस को घटना की जानकारी दी. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन तक तक उसकी जान जा चुकी थी.

फरियादी रोहित गोपाल कनोजिया की शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी. गुप्त जानकारी के आधार पर पुलिस ने 24 घंटे के भीतर हत्या के 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. डीसीपी विनीता शाहू के मार्गदर्शन में सीनियर पीआई महेश बनसोड़े, पीआई अमोल देशमुख, एपीआई मानसिंह डूबल, विलास मोटे, भास्कर रोकड़े, विजय कडू, राजेश शेंडे, हरीश बढीये, प्रलेश कापसे, रूपेश हिवाले आदि ने कार्रवाई को अंजाम दिया.