इंस्टाग्राम पर दोस्ती, फिर अपहरण और दुष्कर्म

    • RPF की सजगता से बची नाबालिग, 2 आरोपी गिरफ्तार

    नागपुर. सोशल मीडिया के बुरे असर का एक और मामला सामने आया है. दक्षिण-पूर्व-मध्य रेल नागपुर मंडल के रेलवे सुरक्षा बल के जवानों ने एक 17 वर्षीय नाबालिग को 2 लड़कों के साथ पकड़ा. नाबालिग लड़की इंस्टाग्राम के जरिये इनके झांसे में आई थी, फिर युवकों ने उसका अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म किया.

    दोनों आरोपी लड़की को फर्जी नाम पर बिलासपुर से ग्वालियर ले जा रहे थे लेकिन इससे पहले आरपीएफ जवानों ने उन्हें पकड़कर लोहमार्ग पुलिस के सुपूर्द कर दिया गया. आरोपियों के नाम नुराबाद जिला मुरौना, मप्र निवासी  राहुल उर्फ श्याम दीनानाथ बाथम (20) और गोलपहाड़िया, ग्वालियर निवासी शैलेश देवीराम बाथम (21) बताये गये हैं.

    सोशल मीडिया पर हुई दोस्ती

    प्राप्त जानकारी के अनुसार पीड़िता कक्षा 10वीं की छात्रा है और वह सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव है. करीब 4 माह पहले उसकी बिलासपुर निवासी सहेली संजना (बदला हुआ नाम) ने अपने वाट्सएप अकाउंट पर पीड़िता अर्पिता (बदला हुआ नाम) का फोटो स्टेटस के तौर पर रखा.

    संजना और शैलेश की दोस्ती इंस्टाग्राम पर हुई और दोनों के बीच प्रेम संबंध थे. जब शैलेष ने संजना के वाट्सएप पर अर्पिता का फोटो देखकर उसके अपने भाई श्याम से दोस्ती कराने का कहा. संजना ने शैलेष की बात मानकर श्याम और अर्पिता की दोस्ती करा दी. जल्द ही दोनों की दोस्ती प्यार में बदल गई.

    दोनों ने किया दुष्कर्म

    इसके बाद श्याम ने अर्पिता से मिलने की इच्छा जताई. फिर वह शैलेष के साथ बिलासपुर आ गया. यहां उसने अर्पिता को शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया. आरोप है कि मौका मिलने पर शैलेष ने भी पीड़िता से दुष्कर्म किया. इसके बाद उन्होंने अर्पिता को बहला फुसलाकर अपने साथ चलने का कहा. उन्होंने ट्रेन 04079 गोंडवाना एक्सप्रेस में बिलासपुर से ग्वालियर तक टिकट बनाया. तीनों बी4 कोच के बर्थ 57, 60 और 63 पर सफर कर रहे थे.

    आरोपियों ने अर्पिता की टिकट फर्जी नाम से बुक की थी. इसी दौरान भंडारा से नागपुर के बीच ट्रेन में गश्त कर रहे आरपीएफ के एपीआई विनके मेश्राम, एसबी मेश्राम और अश्विनी कुमार की नजर तीनों पर पड़ी. पूछताछ करने पर तीनों संतोषजनक जवाब नहीं देने से शक और बढ़ गया.

    टिकट की पड़ताल करने पर अर्पिता की टिकट फर्जी नाम पर बुक होने का पता चला. तीनों को नागपुर स्टेशन पर उतार जीआरपी के सुपूर्द कर दिया. जहां चाइल्ड लाइन प्रतिनिधियों के सामने अर्पिता ने सारी कहानी बताई. तुरंत की श्याम और शैलेष के खिलाफ पोक्सो एक्ट समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी गई है.