Garbage
File Photo

    नागपुर. कोरोना की विपदा के दौर में भी कचरा संकलन करने का ठेका प्राप्त करनेवाली बीवीजी और एजी एन्वायरो कम्पनी की कार्यप्रणाली पर आपत्ति जताते हुए मनपा में विपक्ष के नेता तानाजी वनवे की ओर से सदन में स्थगन प्रस्ताव रखा. जिस पर चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि लॉकडाउन में दोनों कम्पनियों की ओर से कचरा संकलन करने के लिए कम वाहन भेजे जाते हैं लेकिन मनपा की ओर से भुगतान सामान्य समय के अनुसार ही हो रहा है. जिससे प्रशासन और कम्पनी के बीच सांठगांठ होने से इनकार नहीं किया जा सकता है. चर्चा के बाद महापौर दयाशंकर तिवारी ने दोनों कम्पनियों की कार्यप्रणाली की जांच के लिए 5 सदस्यीय समिति गठित करने के निर्देश दिए. समिति गठित करने के अधिकार सदन ने महापौर को दिए.

    दोषी पाए जाने पर दंडात्मक कार्रवाई

    चर्चा के दौरान बसपा पार्षद जितेन्द्र घोड़ेस्वार ने कहा कि कम्पनियां कचरे का वजन बढ़ाने के लिए कचरे में मिट्टी मिश्रित करते हैं. जिसका उनके पास वीडियो भी उपलब्ध है. जिसके बाद महापौर ने लिखित स्वरूप में वीडियो के साथ आयुक्त के पास शिकायत करने तथा इसकी जांच करने के बाद दोषी पाए जाने पर कम्पनी पर दंडात्मक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए. चर्चा के दौरान तानाजी वनवे ने कहा कि कोरोना की महामारी में सफाई कर्मचारी जान पर खेलकर घरों से कचरा संकलन कर रहे हैं. लेकिन कम्पनी इन सफाई कर्मचारियों को काम पर से बर्खास्त कर रही है. एक ओर कर्मचारी कम कर रही है, वहीं दूसरी ओर पूरी तरह से घरों से कचरा संकलन भी नहीं कर रही है. जबकि भुगतान यथायोग्य किया जा रहा है.

    साईं को जमीन देने पर लगी मुहर

    शुक्रवार को मनपा की सभा में स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया को वाठोड़ा में जमीन देने का प्रस्ताव रखा गया. जिस पर चर्चा के दौरान कई मुद्दों को उठाया गया. हालांकि साईं को जमीन देने पर तो मुहर लगाई गई. किंतु संबंधित जमीन पर जो लोग रह रहे हैं उन्हें एक माह के भीतर मालकी साबित करने के सरकारी दस्तावेज मनपा द्वारा निर्धारित समिति के पास शिकायत के साथ देने के निर्देश महापौर ने दिए. उन्होंने इसके लिए अति. आयुक्त राम जोशी और स्थावर विभाग के अधिकारी की एक समिति गठित करने के निर्देश दिए. यदि कोई सम्पत्तिधारक बाधित हो रहा हो तो उसे पुनर्वसन के लिए निर्धारित 5 एकड़ जमीन पर पुनर्वसित किया जाएगा. यदि संबंधित व्यक्ति सदन के इस फैसले से संतुष्ट न हो तो अगली कार्यवाही के लिए वह स्वतंत्र रहेगा. चर्चा के बाद महापौर ने पुनर्वसन की कार्यवाही को गति प्रदान करने के निर्देश भी दिए.