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  • छापामार कर विधायक ठाकरे ने उजागर किया भ्रष्टाचार

नागपुर. कचरा घोटाले को लेकर कुछ दिनों पूर्व शिवसेना की ओर से उजागर की गई जानकारी के बाद मनपा प्रशासन की ओर से केवल समिति बनाकर जांच की लिपापोती कर फाईल तो बंद कर दी गई, लेकिन रविवार को उस समय कचरा घोटाले का पर्दाफाश हो गया, जब विधायक विकास ठाकरे ने स्वयं छापामारी कर भांडेवाडी डम्पिंग यार्ड में चल रहे भ्रष्टाचार को उजागर किया. छापामारी के दौरान कचरा लेकर पहुंचे ट्रकों में आधे से अधिक मिट्टी होने की वास्तविकता उजागर हुई.

उल्लेखनीय है कि मनपा की ओर से हाल ही में 2 नई कम्पनियों को कचरा संकलन का कार्य सौंपा गया. बीवीजी और एजी एन्वायरो नामक इन कम्पनियों की शुरूआत से ही कार्यप्रणाली पर अनेक स्तर पर आपत्ति जताई जा रही है. विशेषत: इस संदर्भ में स्वास्थ्य समिति सभापति वीरेन्द्र कुकरेजा की ओर से भी दिशा निर्देश जारी किए गए थे, किंतु मामला ठंडे बस्ते में चला गया.

वाहनों में कैसे आ रहा 13 टन कचरा
भ्रष्टाचार उजागर करते हुए विधायक ठाकरे ने बताया कि गत कुछ दिनों से कचरा संकलन कर रही कम्पनी के खिलाफ प्रतिदिन कई कर्मचारी शिकायत लेकर आ रहे थे. कर्मचारियों की ओर से भांडेवाडी में हो रही धांधली की जानकारी भी दी. जिसे लेकर मनपा प्र्रशासन को कई पत्र भेजे गए. लेकिन प्रशासन के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है. अत: स्वयं ही इस भ्रष्टाचार को उजागर करने की ठान ली. उन्होंने कहा कि जहां से इन ट्रकों में मिट्टी भरी जाती है, वहां से लेकर डम्पिंग यार्ड तक जा रहे वाहनों और काटा करने तक के स्थल तक विडियो तैयार किया गया.

साथ ही इन ट्रकों के चालकों और कर्मचारियों के बयान भी दर्ज कराए गए. जिसमें उन्होंने कम्पनी के निर्देशों पर कचरे के साथ मिट्टी मिलाने की जानकारी दी. आश्चर्यजनक यह है कि ट्रकों ने काटा किया, उसमें एक-एक ट्रक में 13 टन कचरा भरा हुआ था. जबकि एक ट्रक में 3 टन से अधिक कचरा नहीं आ सकता है. जिससे खाली किए जा रहे ट्रक के स्थल पर जाकर इसका जायजा लिया गया. उस समय सभी भौंचक्के रह गए, जब ट्रकों में आधे से अधिक मात्रा में केवल मिट्टी और मलबा भरा हुआ था. 

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एफआईआर करें, अन्यथा गृह मंत्री से शिकायत
विधायक ठाकरे ने कहा कि इस तरह से कम्पनियों द्वारा कचरे के नाम पर की गई धांधली से कुछ ही दिनों में लगभग 20 करोड़ का भ्रष्टाचार किया है. घटनास्थल पर स्वास्थ्य विभाग प्रमुख प्रदीप दासरवार को भी बुलाया गया था. लेकिन उन्होंने मौन साध रखा था. कम्पनी और अधिकारियों के आपसी सांठगांठ के चलते ही भ्रष्टाचार होने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि मनपा को इन कम्पनी और भ्रष्टाचार में शामिल संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर करने के निर्देश दिए हैं.

पुख्ता सबूत देने के बावजूद यदि मनपा की ओर से एफआईआर दर्ज नहीं की गई, तो इसकी शिकायत गृह मंत्री अनिल देशमुख से की जाएगी. यहां तक कि आवश्यकता पड़ने पर विधानसभा में भी इस मुद्दे को उठाया जाएगा. छापामारी के दौरान पार्षद संजय महाकालकर, प्रशांत धवड और प्रमोदसिंह ठाकुर उपस्थित थे.