Bawankule and Wadettiwar

नागपुर. कांग्रेस के मंत्री विजय वडेट्टीवार और पूर्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले के बीच अब आरोप-प्रत्यारोपों का सिलसिल शुरू हो गया है. बावनकुले ने जिले में रेती तस्करी को महाविकास आघाड़ी सरकार के मंत्रियों का संरक्षण होने का आरोप लगाया था जिसके जवाब ने वडेट्टीवार ने प्रेस परिषद में कहा था कि जगदंबा कस्ट्रक्शन कंपनी को भाजपा के कार्यकाल में कितना ठेका दिलाया गया था इसका हिसाब बावनकुले दें. जगदंबा कंपनी बावनकुले के भाई की बताई जाती है.

अब बावनकुले ने प्रेस परिषद में चुनौती दी है. उन्होंने कहा कि मैंने किसी पर व्यक्तिगत आरोप नहीं किया बल्कि सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया था. भाजपा के कार्यकाल में जगदंबा को कुछ ठेका दिया हो तो आज तुम्हारी सरकार है. एसीबी के माध्यम से जांच करवा लें. वे अपने आरोप पर अटल रहे. उन्होंने कहा कि फिर कहा कि महाविकास आघाड़ी सरकार में मंत्री अवैध धंधों को संरक्षण दे रहै हैं. प्रेस परिषद में सांसद विकास महात्मे, विधायक कृष्णा खोपडे, प्रवीण दटके, अश्विनी जिचकार, अर्चना डेहनकर, संजय भेंडे, चंदन गोस्वामी उपस्थित थे. बावनकुले ने पदवीधर चुनाव के संदर्भ मं दावा किया कि भाजपा उम्मीदवार संदीप जोशी भारी मतों से विजयी होंगे.

1000 करोड़ की रेती तस्करी

बावनकुले ने कहा इस सरकार के कार्यकाल में राज्य में लगभग 1000 करोड़ रुपयों की रेती तस्करी शुरू है. रेती के खनन के लिए ग्रामसभा, पर्यावरण विभाग की अनुमति नही ली जा रही है. उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने अवैध रेती खनन और बिक्री पर नियंत्रण के लिए 10 नियम तैयार किये थे लेकिन उन नियमों को दुर्लक्ष किया जा रहा है. नागपुर, भंडारा, गोंदिया जिलों में अवैध सामग्री के रेट फिक्स हैं. एक विशिष्ट कंपनी का गुटखा भी बाजार में बेचा जा रहा है. 

मंत्री पद छोड़ें राऊत

बावनकुले ने कहा कि ऊर्जामंत्री नितिन राऊत ने शुरुआत में 100 यूनिट बिजली मुफ्त में देने की घोषणा की थी. उसके बाद लाकडाउन काल की बिजली में छूट देने व बिलों में सुधार का आश्वासन भी दिया था. लेकिन सीएम और डिप्टी सीएम ने उनकी मांग को नामंजूर कर दिया. शिवसेना और राकां के मंत्री कांग्रेस मंत्रियों को महत्व नहीं दे रहे हैं. जिसके चलते राऊत को मंत्रिमंडल से बाहर आ जाना चाहिए.