GST collection stood at Rs 90,917 crore in June

  • फर्म का अता-पता नहीं और 49.19 करोड़ का ले लिया इनपुट टैक्स क्रेडिट

नागपुर. फर्जी बिल और कागजी कम्पनियों के मामले में डीजीजीआई की टीम ने एक कम्पनी के डायरेक्टर को रायपुर से गिरफ्तार किया है. आरोपी ने बेल के लिए आवेदन किया था जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया. इस व्यक्ति ने एक ऐसी कम्पनी के नाम पर 49.19 करोड़ रुपए का इनपुट टैक्स क्रेडिट लिया था जिसका अस्तित्व केवल कागजों में था. विभाग इस मामले में निरंतर दबिश दे रहा है. विभाग को इस बारे में व्यापारिक सूत्रों से कुछ जानकारियां मिल रही थीं.

व्यापारियों की ओर से विभाग को बताया गया था कि एक टैक्सपेयर देश के विभिन्न स्थानों से वर्क्स कांट्रेक्ट सर्विस प्रदान कर रहा है. उसने नागपुर से जीएसटीआईएन लिया है. बताया गया कि सारे कॉन्ट्रेक्ट केवल कागजों तक ही सीमित थे जिनके नाम पर हजारों करोड़ रुपए ट्रांजेक्शंस किए गए. विभाग की ओर से जानकारी के आधार पर देश में कई स्थानों पर छानबीन की गई. जीएसटीआईएन के आधार पर सभी पूर्व और वर्तमान संचालकों तक पहुंचकर पूछताछ की गई.

जांच में पता चला कि इस जीएसटीआईएन का नागपुर में कोई अस्तित्व नहीं है. जीएसटी रजिस्ट्रेशन पाने के लिए फर्जी कागजात पेश कर जाली दस्तखत किए गए. साथ ही कम्पनी का कोई अस्तित्व नहीं है, इसे छिपाने का प्रयास किया गया. डीजीजीआई की टीम को कम्पनी के इस डायरेक्टर के रायपुर में होने की जानकारी मिली थी. सबूतों के आधार पर इसे गिरफ्तार कर लिया गया. आरोपी को 8 दिसंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.