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नागपुर. शहर के अलग-अलग स्थानों पर लगातार एटीएम में सेंध लगने की वारदातें हो रही थी. 4 दिन पहले नंदनवन थाना क्षेत्र में स्थित कैनरा बैंक के एटीएम में चोरी की वारदात सामने आई. इन वारदातों को देखते ही क्राइम ब्रांच की विभिन्न टीमों को काम पर लगाया गया था. नंदनवन पुलिस भी अपनी जांच में जुटी थी. आखिर पुलिस ने आरोपियों को ट्रैप लगाकर रंगेहाथ पकड़ने की योजना बनाई. हरयाणा के 2 चोर पुलिस के हाथ लगे और शहर में हुई 5 वारदातों की कबूली आरोपी दे चुके है.

पकड़े गए आरोपियों में चंदेनीगांव, मेवात, हरयाणा निवासी आसिफ खान जुम्मा खान (21) और मोहम्मद शहादत खान (30) का समावेश है. 1 सितंबर से 17 सितंबर के बीच आरोपियों ने देशपांडे लेआउट स्थित कैनरा बैंक के एटीएम में सेंध लगाई. एटीएम में गड़बड़ी की शिकायत मिलने पर मैंटनेन्स करने वाली कंपनी के अधिकारी ने पुलिस से शिकायत की. सीसीटीवी फुटेज में 2 आरोपी चोरी करते दिखाई दिए.

10वीं में फेल लेकिन पूरी तकनीकी जानकारी
10वीं कक्षा में फेल दोनों आरोपियों को एटीएम में सेंध लगाने में महारत हासिल है. एटीएम के उपर एक लॉक होता है. इसकी चाबी आरोपियों के पास थी. पहले तो दोनों एटीएम में जाकर कार्ड स्वाइप करते है. अमाउंट डालने के बाद मशीन से मोटी रकम ट्रे में आ जाती है. गिनती के दौरान आरोपी मशीन के उपर का लॉक खोलकर ट्रे से रकम निकाल लेते है. पुलिस का अनुमान था कि दोनों आरोपी दोबारा एटीएम में सेंध लगाने जरूर आएंगे. इसीलिए नंदनवन थाने का डीबी स्क्वाड दिन-रात निगरानी में जुट गया. 21 सितंबर को दोनों आरोपी एटीएम में पहुंचे. उनका हुलिया तो पुलिस पहले से जानती थी. तुरंत टीम ने घेराबंदी करके दोनों को गिरफ्तार कर लिया. उन्हें न्यायालय में पेश कर 27 सितंबर तक पुलिस हिरासत हासिल की गई.

22 एटीएम सहित 5.65 लाख का माल जब्त
आरोपियों ने नंदनवन के अलावा गिट्टीखदान, वाड़ी, प्रतापनगर और रेलवे स्टेशन परिसर के एटीएम में सेंध लगाने की कबूली दी है. जांच के दौरान उनसे 22 डेबिट कार्ड, 3 क्रेडिट कार्ड और मोबाइल जब्त किए गए. एटीएम से चोरी की गई रकम में से 4.65 लाख रुपये आरोपियों ने अपने खाते में जमा कर लिए थे. पुलिस ने खाते को सीज कर दिया है. कुछ एटीएम कार्ड आरोपियों के नाम पर है. बाकी उन्होंने अपने रिश्तेदारों के नाम पर खाते खुलवाकर लिए थे. पुलिस का अनुमान है कि इसी तरह आरोपियों ने देश के अन्य शहरों में भी वारदातों को अंजाम दिया है. उनसे पूछताछ जारी है. डीसीपी विवेक मासाल और एसीपी धोपावकर के मार्गदर्शन में इंस्पेक्टर संदीपान पवार, एपीआई शंकर धायगुड़े, हेड कांस्टेबल संजय शाहू, विकास टोंग, संदीप गवली, प्रवीण भगत, विनोद झिंगरे, प्रेमकुमार खैरकर, स्वप्निल तांदुलकर, होमगार्ड सूरज तिवारी और पंकज फटिंग ने कार्रवाई को अंजाम दिया.