Online education system failed in Tehsil

  • आन लाइन शिक्षा पर भी सवाल

नागपुर. मनपा आयुक्त ने स्कूलों के प्रतिनिधियों की बैठक लेकर 1 जुलाई से आन लाइन लर्निंग शुरू करने के लिए व्यवस्था करने के निर्देश दिये है. इस संबंध में 26 जून को शिक्षक पालक समिति और स्कूल प्रबंधन की बैठक होने वाली है. इस बैठक में लिये जाने वाले निर्णय के आधार पर आन लाइन शिक्षा की दिशा तय की जाएगी. लेकिन सरकार ने स्कूलों का सिरदर्द तो बढ़ा ही दिया है. अनेक पालकों के पास एनड्राइड मोबाइल नहीं है. जिनके पास एक मोबाइल है. उनके घर 2-3 बच्चे हैं. इस हालत में किस तरह से पढाई होगी यह सवाल अब भी बना हुआ है.

मनपा आयुक्त ने 9 से 12वीं तक के छात्रों के लिए आन लाइन लर्निंग की व्यवस्था करने की जिम्मेदारी स्कूलों पर सौंपी है. लेकिन स्कूलों के सामने यह सवाल गंभीर हो गया है कि जिन पालकों के पास मोबाइल में सुविधा नहीं है. उनके लिए क्या व्यवस्था करे. मनपा की स्कूलों में पढ़ने वाले अनेक बच्चों के पालकों के पास एनड्राइड मोबाइल नहीं है. अनलॉक होने के बाद से लोग अपने काम पर भी जाने लगे हैं. इस हालत में बच्चों के पास मोबाइल छोड़ना भी मुश्किल होगा. आन लाइन क्लासेस इंटरनेट से चलती है. कई लोगों का रोजगार छीन जाने से पहले से ही समस्या निर्माण हो गई है. इस हालत में हर दिन नेट पैक डलवाना भी मुश्किल होगा. 

तकनीकी दिक्कत का नहीं हुआ विचार 
सबसे अधिक चिंता 10वीं के छात्रों को लेकर हो रही है. बोर्ड का वर्ष होने के बाद भी अब तक क्लासेस शुरू नहीं हो सकी है. वहीं टयूशन-कोचिंग भी बंद है. एक घर में 2-3 भाई-बहन होने से एकमात्र मोबाइल पर क्लास करना परेशानीभरा काम होगा. इस हालत में किसी न किसी को आन लाइन क्लास से वंचित रहना पड़ सकता है. हालांकि मनपा आयुक्त ने स्वयं सेवी संस्थाओं से सहयोग लेने की भी अपील की है. लेकिन अब तक कोई भी संस्था सामने नहीं आई है.

मुख्याध्यापकों का मानना है कि सरकार ने निर्णय तो ले लिया. लेकिन तकनीकी दिक्कत के बारे में विचार नहीं किया गया है. यही वजह है कि अब उन छात्रों के लिए मोबाइल का इंतजार करना जो वंचित है. मुश्किल हो जाएगा. आन लाइन क्लास होने से छात्र अपने डाउट भी क्लियर नहीं कर सकेगे. हालांकि सीबीएसई स्कूलों द्वारा आन लाइन क्लोसस ली जा रही है. उन छात्रों के पास टैब. कम्प्यूटर और लैपटॉप जैसी सुविधाएं उपलब्ध है. लेकिन सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले कई छात्रों के पास यह सुविधाएं नहीं है. यही वजह है कि बच्चों के भविष्य को लेकर पालकों की चिंता बढ़ने लगी है. 

विवि का भी कुछ तय नहीं 
आरटीएम नागपुर विवि ने नये सत्र का अकेडमिक कलेंडर तो जारी कर दिया है. लेकिन क्लासेस कैसे होगी यह अब तक तय नहीं हो सका है. छात्रों में भी अब भी संभ्रम की स्थिति बनी हुई है. कोरोना की वजह से सोशल डिसटेंसिंग बनाए रखना जरुरी है. इस हालत में एक क्लास रुम में कुछ ही छात्र बैठ सकेगे. साथ ही छात्रों के बीच निश्चित दूरी भी होना जरुरी है. विवि प्रशासन द्वारा क्लासेस के बारे में अब तक निर्णय नहीं लिया गया है. इस बारे में बैठकों का दौर जारी है. माना जा रहा है कि कालेजों को भी शुरूआत में आन लाइन क्लासेस के विकल्प को चुनना होगा. विवि इस बारे में सरकार के फैसले का इंतजार कर रही है.