पैसेंजर ट्रेनों के लिए और कितना इंतजार, एक ही ट्रेन कर रही लाखों का नुकसान

    • व्यापारी संगठन कर चुके हैं इतवारी-टाटा पैसेंजर की मांग

    नागपुर. रेलवे के लिए भले ही पैसेंजर ट्रेनों का कुछ खास महत्व न हो लेकिन आम यात्रियों के साथ सैकड़ों छोटे-बड़े व्यापारियों के लिए यह सस्ता माल परिवहन का साधन है. दक्षिण-पूर्व-मध्य रेलवे के व्यापारी संगठन द्वारा केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी से ट्रेन 58112 इतवारी-टाटा पैसेंजर दोबारा शुरू करने की मांग कर चुके हैं. संगठन द्वारा 21 मई को लिखे पत्र में गडकरी को बताया गया कि सिर्फ इस ट्रेन के बंद होने से व्यापार का कितना घाटा हो रहा है.

    टाटानगर, रायपुर और बिलासपुर के लिए चलने वाली पैसेंजर ट्रेनों से हर दिन सैकड़ों टन विभिन्न प्रकार के उत्पाद भेजे और बुलाये जाते थे. मजदूरों की भी नियमित आवाजाही भी लगी रहती थी. एक अकेली टाटानगर पैसेंजर के जरिए हर दिन करोड़ों का व्यापार और करीब 100 मजदूरों को लोडिंग-अनलोडिंग के जरिए रोजगार मिल जाता था और वे अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे.

    व्यापारियों की मानें तो टाटानगर से विभिन्न लघु उद्योगों के कच्चे माल की जरूरत पूरी होती है. नागपुर से टाटा के लिए सड़क परिवहन कठिन और काफी समय खर्च करने वाला है. ऐसे में इतवारी-टाटा पैसेंजर यह कमी पूरी करती है. इसलिए इसे जल्द से जल्द शुरू किया जाना चाहिए. 

    MST वालों को मिलेगी राहत : शुक्ला

    भारतीय यात्री केन्द्र के अध्यक्ष बसंतकुमार शुक्ला ने कहा कि रेलवे केवल अपनी कमाई का सोच रही है. उसे जनता पर पड़ रही महंगाई की मार के बारे में भी सोचना चाहिए. आसपास के जिलों और पड़ोसी राज्यों से कई लोग हर दिन नागपुर आना-जाना करते हैं जो पहले एमएसटी लेकर सफर करते थे. ऐसे में महंगे सड़क परिवहन की लूट मची है. यदि पैसेंजर ट्रेन सेवा फिर बहाल की जाती है तो हजारों एमएसटी धारकों को फायदा होगा.

    सख्त जरूरत है, गडकरी से करेंगे मांग : मित्रा

    मध्य रेल नगापुर मंडल के डीआरयूसीसी सदस्य सुनील मित्रा ने कहा कि कोरोना वायरस जाने वाला नहीं है. जरूरत हमें ही सावधानियां बरतने की है. एक्सपर्ट्स भी कह चुके हैं कि लॉकडाउन कोरोना संक्रमण का अंतिम उपाय नहीं है. ऐसे में आज आम यात्रियों के लिए पैसेंजर ट्रेनों को भी और लॉक करके नहीं रखना चाहिए. इन्हीं पैसेंजर ट्रेनों के माध्यम से कई व्यापारिक और आर्थिक गतिविधियां पूरी होती हैं. जल्द ही केन्द्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के समक्ष इस बारे में मांग रखेंगे. 

    पूरे विदर्भ के लिए जरूरी : फतेहपुरिया

    एसईसीआर नागपुर के जेडआरयूसीसी सदस्य दिलीप फतेहपुरिया ने कहा कि अब और अधिक दिनों तक पैसेंजर ट्रेनों को बंद नहीं किया जाना चाहिए. लॉकडाउन के चलते व्यापारी पहले ही काफी नुकसान सह रहे हैं. इतवारी-टाटानगर-इतवारी पैसेंजर की बात करें तो इसके शुरू होने से केवल नागपुर ही नहीं, बल्कि भंडारा, तुमसर, गोंदिया आदि शहरों को भी व्यापार में सहयोग मिलेगा. 

    मजदूरों की जरूरत पूरी करनी होगी : आचार्य

    मध्य रेल नागपुर मंडल के डीआरयूसीसी सदस्य धर्मेन्द्र आचार्य ने कहा कि पहले लॉकडाउन के कारण शहर से हजारों मजदूर पलायन कर चुके हैं. दूसरी बार भी ऐसा ही हुआ लेकिन कोरोना संक्रमण घटते ही ये मजदूर वापस आना चाहते हैं लेकिन सस्ता परिवहन साधन न होने से वे आ नहीं पा रहे. पहले ही आर्थिक संकट झेल रहा मजदूर वर्ग महंगा बस किराया और हर बार रिजर्वेशन वाली महंगी टिकट का बोझ नहीं उठा सकता. इसलिए पैसेंजर ट्रेनों को अब पटरी पर लाने का समय आ गया है.

    मंडलों द्वारा परिचालित यात्री ट्रेनें (पहले और अब)

    1. मध्य रेल नागपुर

    अप्रैल 2020 से पहले

    • 40 ट्रेनें (20 मेल/एक्स., 20 पैसेंजर)

    वर्तमान में

    • 03 ट्रेनें (03 मेल/एक्स., 00 पैसेंजर)
    1. एसईसीआर, नागपुर

    अप्रैल 2020 से पहले

    • 88 ट्रेनें (10 मेल/ एक्स. 54 मेमू, 24 पैसेंजर)

    वर्तमान में

    1. 24 ट्रेनें (8 मेल/एक्स., 8 मेमू, 8 पैसेंजर)