Big decision on vaccination in West Bengal, 12-16 weeks interval between two doses of covishield implemented
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    • 95 वैक्सीनेशन सेंटर्स
    • 1,199 को ही लगा टीका

    नागपुर. सरकार की ओर से ही वैक्सीन की आपूर्ति नहीं होने के कारण लड़खड़ाते चल रहा वैक्सीनेशन अभियान का आलम यह है कि अब लोगों में चल रही सम्भ्रम की स्थिति के कारण जहां कुछ सेंटर्स पर वैक्सीन उपलब्ध नहीं है तो कुछ सेंटर्स पर वैक्सीन लेने के लिए लोग ही नहीं हैं. इससे अजीबोगरीब स्थिति से वैक्सीनेशन अभियान गुजर रहा है. सूत्रों के अनुसार शहर के लगभग 95 सेंटर्स पर वैक्सीनेशन अभियान चलाने का दावा मनपा की ओर से किया जा रहा है.

    लेकिन इसमें से कई सेंटर्स पर लंबे समय से वैक्सीन ही उपलब्ध नहीं हो रही है. बुधवार को इन सेंटर्स पर केवल 1,199 लोगों को ही कोविशिल्ड का टीका लगाया गया है. लोगों में संभ्रम की स्थिति को देखते हुए मनपा की ओर से जहां ड्राइव इन वैक्सीनेशन चलाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर ‘वैक्सीन आपके परिसर में’ अभियान भी चलाया जा रहा है. तमाम प्रयासों के बावजूद प्रशासन को प्रतिसाद नहीं मिल रहा है.

    केवल महल रोग निदान केंद्र में भीड़

    सूत्रों के अनुसार मनपा के 95 वैक्सीनेशन सेंटर में से मेडिकल अस्पताल, डॉ. बाबासाहब आम्बेडकर अस्पताल और महल रोग निदान केंद्र पर ही कोवैक्सीन का दूसरा टीका लगाया जा रहा है. मनपा प्रशासन की ओर से भले ही केवल दूसरा टीका लगाए जाने का दावा हो रहा हो लेकिन वास्तविक रूप में पहला टीका भी लगाए जाने की जानकारी सूत्रों ने दी. आश्चर्यजनक यह है कि मनपा के अधिकांश वैक्सीनेशन सेंटर पर 30 से अधिक लोगों को भी वैक्सीन नहीं दिया गया है.

    जबकि महल रोग निदान केंद्र पर सर्वाधिक 278 लोगों को टीका लगाया गया. मेडिकल में 116 और डॉ. बाबासाहब आम्बेडकर अस्पताल में केवल 10 लोंगों को ही टीका दिया गया. मनपा की ओर से सभी केंद्रों पर 45 प्लस को पहला और दूसरा डोज देने की जानकारी उजागर की गई है. राज्य सरकार की ओर से दोनों डोज के लिए वैक्सीन उपलब्ध कराई गई है. केंद्र के नये निर्देशों के अनुसार जिन लोगों ने कोविशिल्ड का पहला डोज 12 सप्ताह पूर्व लिया हो उनको दूसरा डोज दिया जा रहा है. 

    44-45 के बीच अटके कई लोग

    सूत्रों के अनुसार केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुसार वैक्सीनेशन के लिए अलग-अलग उम्र का वर्ग तैयार किया गया है जिसके अनुसार 18 से 44 वर्ष की आयु को वैक्सीनेशन कुछ दिनों तक देने के बाद इसे बंद कर दिया गया. इसके अलावा 45 प्लस और 60 प्लस का अलग वर्ग तैयार है. चरणबद्ध तरीके से सभी को वैक्सीन देने के लिए भले ही वर्ग बनाए गए हो लेकिन कुछ लोगों को 44 वर्ष पूरे हो गए लेकिन 45 वर्ष पूरे नहीं हो पाए हैं. ऐसी अवस्था में उन्हें न तो पहले वर्ग में टीका लग रहा है और न ही दूसरे वर्ग में उनका पंजीयन ही हो रहा है. सूत्रों के अनुसार इस तरह के कई युवा सेंटर पर आने के बाद वापस लौट रहे हैं जिससे इस तकनीकी अड़चन को दूर करने की मांग कुछ सेंटर्स के लोगों ने की है. 

    इस तरह रहा वैक्सीनेशन

    पहला डोज :-

    स्वास्थ्य सेवक 45,576

    फ्रंट लाइन वर्कर 52,920

    45 प्लस उम्र के 1,34,738

    45 प्लस कोमोरबिड 83,535

    60 प्लस के सभी 1,76,777

    पहला डोज – कुल 5,04,687

     दूसरा डोज :-

    स्वास्थ्य सेवक 23,281

    फ्रंट लाइन वर्कर 19,541

    45 प्लस उम्र के 29,449

    45 प्लस कोमोरबिड 18,388

    60 प्लस के सभी 73,944

    दूसरा डोज – कुल 1,64,603