Arrange vaccination for sick and disabled persons at home, demands Shiv Sena

    नागपुर. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से घोषणा होते ही भाजपा की सत्ताधारी मनपा ने आनन-फानन में शहर में वैक्सीनेशन अभियान तो शुरू कर दिया, किंतु इस अभियान का पूरा प्रबंधन ही बिगड़ गया है. इसका जीता-जागता उदाहरण बुधवार को वैक्सीनेशन सेंटर्स पर उस समय देखने को मिला, जब कोविशील्ड उपलब्ध होने की भनक लगते ही जनता भारी मात्रा में वैक्सीनेशन सेंटर्स पर उमड़ पड़ी. किंतु जनता के हाथों निराशा ही लगी. पहले ही प्रशासन की ओर से सीमित वैक्सीनेशन की घोषणा की गई थी.

    जिससे सुबह-सुबह पहुंचकर नंबर लगाने की जुगत में प्रत्येक सेंटर पर लंबी कतार लगना शुरू हो गया था. जिसका प्रबंधन करने प्रशासन ने किसी तरह के उपाय नहीं किए थे. यहां तक कि वैक्सीनेशन सेंटर्स का उद्घाटन करनेवाले मनपा सत्तापक्ष के पदाधिकारी भी नदारद थे. हालांकि शुरुआत में प्रत्येक सेंटर्स पर लोगों के लिए पेयजल और अन्य सुविधाएं रखने की हिदायत दी गई थी. किंतु अब कहीं भी इन सुविधाओं पर ध्यान नहीं है. 

    मनपा की सीमित क्षमता भी खत्म

    उल्लेखनीय है कि एक दिन पहले ही मनपा की ओर से केवल सीमित कोविशील्ड वैक्सीन उपलब्ध होने के कारण सीमित ही टीकाकरण होने की घोषणा की थी. लेकिन अब यह सीमित क्षमता भी खत्म हो गई है. एक ही दिन में वैक्सीन का कोटा खत्म हो जाने से अब गुरुवार को वैक्सीनेशन अभियान चलाने के लिए मनपा के पास वैक्सीन ही नहीं है. अत: गुरुवार को मनपा के किसी भी सेंटर्स पर वैक्सीनेशन नहीं होने की जानकारी मनपा के अति. आयुक्त राम जोशी ने दी. गुरूवार को किसी भी आयु वर्ग को वैक्सीन नहीं दी जाएगी. 

    पहले डोज के लिए लगाना पड़ रहा चक्कर

    • शहर के अनेक सेंटर्स पर काफी अफरातफरी मची हुई थी. लोगों का कहना था कि हर दूसरे दिन वैक्सीनेशन अभियान बंद किया जाता है. यहां तक कि एक दिन भी पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन उपलब्ध नहीं की जा रही है. 
    • 3-3 बार सेंटर्स के चक्कर लगाना पड़ा. इसके बाद भी वैक्सीन का पहला डोज नहीं मिला. कुछ सेंटर्स पर तो पहले से नंबर लग जाते हैं. यह प्रक्रिया कहां से होती है. इसकी भी जानकारी नहीं है. अत: सुबह कतार में लगने के बावजूद वैक्सीन के लिए नंबर नहीं लगता है.
    • महानगर पालिका केवल वैक्सीन लेने के लिए जनजागृति का दिखावा कर रही है. जबकि वास्तविक रूप में लोगों को वैक्सीन उपलब्ध हो, इसके कोई उपाय नहीं किए जा रहे हैं. 

    पहला डोज

    • स्वास्थ्य सेवक 46,412
    • फ्रंट लाइन वर्कर 53,367
    • 18 प्लस के युवा 2,20,620
    • 45 प्लस उम्र के 1,63,387
    • 45 प्लस कोमोरबिड 87,530
    • 60 प्लस सभी लोग 1,88,823

    पहला डोज – कुल 7,60,139

     दूसरा डोज 

    • स्वास्थ्य सेवक 26,281
    • फ्रंट लाइन वर्कर 25,060
    • 18 प्लस के युवा 10,944
    • 45 प्लस उम्र के 93,865
    • 45 प्लस कोमार्बिड 25,276
    • 60 प्लस सभी लोग 1,07,181

    दूसरा डोज – कुल 2,88,607