Corona Maharashtra: Govt could relax lockdown like restrictions, know what is the plan
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  • 25,569 एक्टिव केस
  • 1,245 को मिली छुट्टी
  • मृतकों के बढ़ रहे आंकड़े

नागपुर. कोरोना का कहर कम होने का नाम ही नहीं ले रहा है. एक ओर जहां पॉजिटिव मरीज बढ़ते जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर मरने वालों का सिलसिला कम नहीं हो रहा है. गुरुवार को चौबीस घंटे के भीतर 23 लोगों की जान गई थी, जबकि शुक्रवार को चौबीस घंटे के भीतर 35 लोगों की मौत हो गई. इस वर्ष का यह सबसे बड़ा आंकड़ा है. मृतकों की संख्या बढ़ने से एक बार फिर डॉक्टरों सहित प्रशासन का भी टेंशन बढ़ने लगा है. कोरोना को लेकर स्थिति दिनोंदिन भयंकर होती जा रही है.

स्थिति यह है कि अब शासकीय और प्राइवेट सभी अस्पतालों में मरीज बढ़ने लगे हैं. मरीज के साथ ही डॉक्टरों सहित नर्स और स्टाफ का भी कामकाज बढ़ने लगा है. मरीजों की बढ़ती संख्या देखकर लग रहा है कि अगले कुछ हफ्तों तक यही सिलसिला जारी रहेगा. पिछले चौबीस घंटे के भीतर जिले में सर्वाधिक 16,066 लोगों की जांच की गई. जिसमें 3,235 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई. संक्रमित मरीजों की संख्या गुरुवार की तुलना में कम रही. गुरुवार को 3,796 लोग पॉजिटिव आये थे. लेकिन मरने वालों की संख्या अचानक ही बढ़ गई.

ग्रामीण में भी बढ़ रही संख्या

कुल पॉजिटिव लोगों में सिटी के 2,524 और ग्रामीण के 708 का समावेश हैं. अब तक जिले में कुल 1,85,787 लोग संक्रमित हो चुके हैं. फिलहाल जिले में 25,569 एक्टिव केसेस है. इनमें 20,554 केसेस अकेले सिटी में ही है. इनमें आधे से अधिक लोग होम आइसोलेशन में रहकर उपचार कर रहे हैं. इस बीच 1,245 मरीजों को ठीक होने के बाद छुट्टी दी गई. अब तक कुल 1,55,655 लोग कोरोना से ठीक हो चुके हैं, लेकिन मरीजों की संख्या बढ़ने की वजह से अब भी रिकवरी रेट 83.78 फीसदी ही है. 

मेयो में सबसे अधिक मरीज

18 मार्च की मध्यरात्रि तक मेडिकल में 317, मेयो में 365 और एम्स में 59 मरीज भर्ती थे. लता मंगेशकर हिंगना में 124, रेडियंस में 65, ऑरेंज सिटी में 63, वोक्हार्ट में 57, सेवन स्टार में 53, होप हॉस्पिटल में 74, भवानी हॉस्पिटल में 58, कुणाल अस्पताल में 67, किग्नवे में 125, मेडिट्रिना में 55, सुश्रुत में 63,ओरिसय में 62 मरीजों का इलाज चल रहा था. जबकि वीएनआईटी सीसीसी में 52 और पांचपावली में 147 मरीजों को भर्ती किया गया था. डॉक्टरों का कहना है कि यदि गंभीर मरीजों की संख्या कम नहीं हुई तो भविष्य में दिक्कतें आ सकती हैं.