Indian railways
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नागपुर. रेलवे सुरक्षा बल द्वारा बुधवार को एक बार फिर गोरखपुर एक्सप्रेस में एक बार फिर बड़ी मात्रा में 17,850 रुपये की अवैध विदेशी शराब जब्त की गई. पिछले 3 दिनों में यह आरपीएफ की दूसरी कार्रवाई जिसमें हजारों रुपये की अवैध शराब पकड़ी गई. लगातार हो रही कार्रवाईयों से साफ है कि मध्य रेल नागपुर मंडल के तहत एक बार फिर शराबबंदी जिला यानि वर्धा और चंद्रपुर जाने वाली ट्रेनों में शराब तस्करी भी बढ़ गई है. इससे पहले ठीक 2 दिन पहले भी इसी ट्रेन में 9,180 रुपये की अवैध शराब जब्त की गई थी.

प्राप्त जानकारी के अनुसार, वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त आशुतोष पांडेय द्वारा बनाई गई एंटी हॉकर्स एंड क्राइम डिटेक्शन टीम ने सुबह 03.50 बजे प्लेटफार्म 2 पर खड़ी ट्रेन 02589 गोरखपुर-सिकंदराबाद एक्सप्रेस की तलाशी शुरू की. ट्रेन के एस-5 कोच में एक बैग लावारिस हालत में मिला. खोलकर देखने में उसमें 210 बोतल विदेशी शराब मिली जिसकी कुल कीमत 17,850 रुपये आंकी गई. सारा माल जब्त कर लिया. उक्त कार्रवाई सीनियर डीएससी पांडेय और पीआई आरएल मीना के मार्गदर्शन में एपीआई सचिन दलाल, एएसआई सीताराम जाट, श्याम झाड़ोकर, राजेश खोब्रागड़े आदि द्वारा पूरी गई. 

अब तक 45,300 रुपये की शराब जब्त

आरपीएफ नागपुर द्वारा पिछले 7 दिनों में कुल 45,300 रुपये की शराब जब्त की गई. इनमें 10 दिसंबर को ट्रेन 02622 तमिलनाडू एक्सप्रेस में 18,270 रुपये, 14 दिसंबर को 02511 गोरखपुर एक्सप्रेस में 9,180 रुपये और बुधवार, 16 दिसंबर को 17,850 रुपये की शराब पकड़ी गई. यानि इन 7 दिनों में कुल 354 बोतलें शराब पकड़ी गई. इन आंकड़ों से समझ आता है कि कोरोना काल के बीच ट्रेनों की संख्या में भरी कटौती के बावजूद शराब तस्करी जोरों पर जारी है.

GT में जांच क्यों नहीं

ज्ञात है कि तीनों ही कार्रवाईयों में पकड़ी गई शराब पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश में बनती है. लाकडाउन से पहले भी मंडल के तहत आने वाले पांढुरना स्टेशन से भारी मात्रा में शराब तस्करी होती थी. उस समय पांढुरना से वर्धा और चंद्रपुर के लिए ट्रेनें भी अधिक थी. इनमें जीटी एक्सप्रेस, जयपुर एक्सप्रेस, पटना एक्सप्रेस, दक्षिण एक्सप्रेस, गोरखपुर एक्सप्रेस और स्वर्णजयंती एक्सप्रेस प्रमुख जो शराब तस्करों के लिए पसंदीदा ट्रेनें थी. लेकिन फिलहाल केवल गोरखपुर, जयपुर और जीटी एक्सप्रेस को ही पांढुरना में स्टापेज दिया गया है. खास बात है कि पिछली 2 कार्रवाईयां भी केवल गोरखपुर एक्सप्रेस में ही की गई है. ऐसे में जीटी और जयपुर एक्सप्रेस में की भी सघन तलाशी ली जानी चाहिए.

सेवाग्राम, वर्धा, चंद्रपुर में खामोशी क्यों

गोरखपुर एक्सप्रेस का नागपुर स्टेशन पर स्टापेज मुश्किल से 7 से 10 मिनट का है. इतने कम समय में नागपुर आरपीएफ कुछ जवान हजारों रुपये की अवैध शराब पकड़ रहे हैं. हालांकि कोई भी दावे से यह नहीं कह पा रहा है कि ट्रेन में केवल उतनी ही अवैध शराब थी जितनी पकड़ी गई है. हो सकता है यह भ्रमित करने के लिए हो. सवाल यह है कि जब नागपुर स्टेशन पर तड़के 3 से 4 बजे के बीच कार्रवाई हो सकती है तो फिर सेवाग्राम, वर्धा, चंद्रपुर और बल्लारशाह जैसे प्रमुख स्टेशनों पर आरपीएफ शांत क्यों हैं. यह भी ध्यान देने वाली बात है कि ये तीनों स्टेशन शराबबंदी जिलों के तहत आते हैं.