जनता कर्फ्यू…कहीं बंद-कहीं चालू

  • दूसरे दिन भी मिलाजुला असर

नागपुर. मेयर संदीप जोशी द्वारा कोरोना के प्रसार को ब्रेक लगाने के लिए विकेंड जनता कर्फ्यू की अपील का असर दूसरे दिन यानी सण्डे को पूरे शहर में मिलाजुला नजर आया. कुछ इलाके पूरी तरह बंद रहे तो कहीं पूरी तरह दूकानें खुली रहीं. कहीं-कहीं कुछ ने दूकाने बंद रखी तो कुछ ने शुरू. हालांकि सण्डे को भी दूकानों में ग्राहकी नहीं के बराबर ही रही. अधिकतर नागरिकों ने सण्डे को घर के भीतर ही रहना उचित समझा.

शनिवार को महल स्थित बड़कस चौक पूरी तरह बंद था वह सण्डे को पूरी तरह खुला नजर आया. ऐसा ही हाल शिवाजी पुतला के आसपास के परिसर का था. सारी दूकानें खुली थीं लेकिन ग्राहकी नहीं थी. उत्तर नागपुर में जरीपटका इलाके के बाजार खुले थे. पूरी सिटी में कहीं बंद तो कहीं खुला का नजारा था. जनता कर्फ्यू का मिलाजुला असर ही नजर आया. कमाल चौक और धरमपेठ इलाके में भी दूकानें आधा बंद-आधा चालू नजर आईं.

फुटपाथों पर भी सजी दूकानें
बर्डी, महल, सक्करदरा, गोकुलपेठ आदि बाजार क्षेत्रों में फुटपाथ पर भी दूकाने सजी नजर आईं. हालांकि सीताबर्डी मेनरोड में लोगों की संख्या नगण्य ही रही. शनिवार की तरह ही कुछ इलाकों में दूकानदारों को ग्रुप बनाकर गप्पे हांकते देखा गया. जनता कर्फ्यू को लेकर पहले ही दिन से संभ्रम की स्थिति पैदा हो गई थी. एक ओर मेयर ने लोगों से घरों में रहने व व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को बंद करने की अपील की थी.

वहीं उसी दिन पुलिस कमिश्नर व मनपा आयुक्त ने परिपत्र जारी कर यह कहा था कि सरकार या प्रशासन की ओर से ऐसा कोई आदेश नहीं है. चर्चा रही कि राज्य सरकार में सत्तासीन कांग्रेस व राकां मंत्रियों ने अधिकारियों पर दबाव डालकर भाजपा के मेयर के जनता कर्फ्यू को सफल नहीं होने दिया. खुद मेयर व पूर्व पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने बिना नाम लिए पालकमंत्री व गृहमंत्री पर कोरोना पर राजनीति करने का आरोप लगाया था. साथ ही महामारी काल में नागरिकों की जान बचाने के लिए राजनीति नहीं करने की बात कही थी.

नागरिकों ने किया स्वागत : खोपड़े
भाजपा विधायक कृष्णा खोपड़े ने कहा है कि मेयर जोशी ने सर्वदलीय विधायक व जनप्रतिनिधियों की बैठक लेकर आयुक्त की उपस्थिति में वीकेंड के दो दिन जनता कर्फ्यू की घोषणा की थी. व्यापारियों के संगठनों ने तो 10-15 दिनों का लाकडाउन लगाने का सुझाव दिया था. मेयर की अपील को सिटी की जनता ने स्वागत करते हुए जनता कर्फ्यू को पूरी तरह सफल बनाया है.

व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद कर साथ दिया. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार में शामिल जिन मंत्रियों ने पुलिस कमिश्नर व मनपा आयुक्त पर दबाव डालकर जनता कर्फ्यू को असफल करने की कूटनीति खेली उसे जनता ने ठेंगा दिखा दिया. पुलिस कमिश्नर 10 दिनों के लाकडाउन की तैयारी दिखा रहे थे वे ऐनवक्त पर कैसे पलट गए. जो मनपा आयुक्त बैठक में कर्फ्यू के समर्थन में थे वे किसके दबाव में पलट गए यह जनता जानती है. उन्होंने कहा कि जनता के हित के निर्णय में इस तरह का व्यवहार भारी पड़ सकता है.