Mankapur Sports Stadium

नागपुर. हर दिन बढ़ रहे कोरोना मरीजों और मौत के आंकड़ों को देखते हुए हाईकोर्ट ने मानकापुर स्थिति विभागीय क्रीड़ा संकुल में प्रस्तावित 1,000 बेड के जम्बो हास्पिटल को लेकर हो रही देरी पर सरकार को जमकर फटकार लगाई थी. हाईकोर्ट द्वारा जवाबदेही तय होते ही सरकार ने तेजी दिखाई और उक्त हास्पिटल के लिए सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिये. हालांकि निर्देश में यह भी कहा कि गया है कि बढ़ते मरीजों के लिए पहले सभी संभावित उपायों पर गंभीरता से ध्यान दिया जाये. हालांकि जिला प्रशासन और महानगर पालिको के अधिकारियों के कहना है कि कई शर्तों के साथ मिली मंजूरी से इसका पालन करना बहुत कठिन है.

फंड पर कड़ी शर्त
मंजूरी में कहा गया है कि उक्त 1,000 बेड के हास्पिटल के लिए सरकार की ओर का 25 प्रतिशत आकस्मिक फंड ही दिया जायेगा. बची हुई राशि मनपा और एनआईटी/एनएमआरडीए प्रत्येक 25-25 प्रश तथा बाकी बचा हुई 25 प्रतिशत राशि सीएसआर फंड के माध्यम से प्राइवेट कम्पनियों से पूरी की जाये.

ज्ञात हो कि करीब 1 महीने पहले ही सरकार को विभागीय आयुक्त संजीव कुमार की ओर से शहर में कोरोना के सामुदायिक प्रसार को देखते हुए 1,000 बेड के जम्बो हास्पिटल का प्रस्ताव भेजा था.

आपदा प्रबंधन, राजस्व व वन विभाग के सचिव किशोर राजे निंबालकर द्वारा निर्देश में कहा गया है कि मरीजों के लिए पहले शहर में उपलब्ध सभी मेडिकल सुविधाओं की उपयोग किया जाये. इस बारे में विभागीय आयुक्त संजीव कुमार ने कहा कि नया हास्पिटल बनाने से पहले इस बात की पूरी ताकीद की जायेगी कि शहर में चल रहे सभी राज्य और केन्द्र सरकार के अलावा अर्ध शासकीय हास्पिटलों और प्राइवेट हास्पिटलों का पूरा उपयोग हो रहा है या नहीं.

…तो मैरिज हॉल का उपयोग करें
निर्देश में मनपा आयुक्त और जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को यह भी कहा गया है कि कोरोना मरीजों के लिए मैरिज हॉल समेत अन्य बड़ी जगहों का भी उपयोग किया जा सकता है. इसी के साथ यह भी कहा गया है कि प्रशासन को जम्बो हास्पिटल के लिए जरूरी मैन पावर जिनमें डाक्टर समेत अन्य सहायक मेडिकल स्टाफ और सुविधाओं की भी तैयारी करके रखनी है.