Nitin raut

  • पालक मंत्री ने अधिकारियों को दिया निर्देश

नागपुर. पालक मंत्री नितिन राऊत ने विभागीय आयुक्त कार्यालय में सभी अधिकारियों की बैठक लेकर कोरोना और उसे मात देने के लिए की जा रही व्यवस्था के संदर्भ में संपूर्ण जानकारी ली. साथ ही उन्होंने मरीजों को बेड, ऑक्सीजन व रेमडेसिविर उपलब्ध कराने के लिए विशेष ध्यान रखने का निर्देश दिया. इसके अलावा वैक्सीन की मांग और सेन्टर की उपलब्धता निश्चित करने का निर्देश भी दिया. जहां ऑक्सीजन प्लांट प्रस्तावित है वहां तत्काल इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा करने का निर्देश उन्होंने दिया. उन्होंने लॉकडाउन काल में सरकारी राशन दूकानों से अनाज की आपूर्ति, कोरोना कांटेक्ट ट्रेसिंग, होम क्वारंटाइन मरीजों पर नजर रखने के साथ ही माइक्रो केन्टोमेन्ट जोन बनाने के निर्देश दिए. बैठक में विभागीय आयुक्त संजीव कुमार, जिलाधिकारी रवींद्र ठाकरे, मनपा आयुक्त राधाकृष्णन बी सहित अन्य आलाधिकारी उपस्थित थे.

5 किलो अनाज मुफ्त

पालक मंत्री ने कहा कि कड़ा लॉकडाउन होने से गरीब नागरिक भी घरों के बाहर नहीं निकल पा रहे हैं. जिले में राशन दूकानों से इन्हें राशन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया. बैठक में बताया गया कि पात्र कार्डधारकों को प्रति व्यक्ति 5 किलो अनाज मुफ्त वितरित किया जाना है. लेकिन कोरोना का संक्रमण फैलने की आशंका के चलते राशन दूकानदारों ने पॉश मशीन की शर्त को शिथिल करने और बीमा कवच देने की मांग की है. पालक मंत्री ने इस पर क्या उपाययोजना की जा सकती है, उसका रास्ता निकालने का निर्देश प्रशासन को दिया. पालक मंत्री ने 18 प्लस को वैक्सीन देने की व्यवस्था की जानकारी भी ली. 

ऑक्सीजन प्लांट के कार्य

राऊत ने कहा कि प्रत्येक जिले में स्वतंत्र ऑक्सीजन प्लांट निर्माण का आदेश दिया गया है. इसके अनुसार प्रशासन तत्काल कार्यवाही करे. कामठी के खापरखेड़ा स्थित प्लांट स्थानांतरित कर उप जिला अस्पताल में लगाया जा रहा है. उन्होंने कांटेक्ट ट्रेसिंग बढ़ाने को कहा. प्रत्येक पॉजिटिव मरीज के पीछे कम से कम 10-15 लोगों की कांटेक्ट ट्रेसिंग होनी चाहिए.  मुंबई मनपा ने मरीजों से संपर्क के लिए विशेष व्यवस्था की है. उसी तर्ज पर व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया. 

पोर्टेबल वेंटिलेटर की करें जांच

मरीजों की जान बचाने के लिए वेंटिलेटर, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मशीनों की बड़ी मात्रा में जरूरत है. विदर्भ के एक युवा इंजीनियर ने पोर्टेबल वेंटिलेटर बनाया है. पालक मंत्री नितिन राऊत ने अधिकारियों को उसकी उपयोगिता की जांच करने का निर्देश दिया है. कंपनी के आकाश गड्डमवार ने बताया कि मरीजों की हालत 2-3 दिनों में गंभीर हो जाती है. ग्रामीण भागों से गंभीर व अतिगंभीर मरीजों को सिटी में लाया जाता है. उनके लिए पोर्टेबल वेंटिलेटर मददगार साबित होगा. उन्होंने प्रेजेंटेशन भी किया. विभागीय आयुक्त संजीव कुमार, जिलाधिकारी रवींद्र ठाकरे, सीईओ, योगेश कुंभेजकर, डॉ. वैशाली शेलगांवकर ने तकनीकी जानकारी ली. पालक मंत्री ने मशीन की उपयोगिता की जांच करने का निर्देश अधिकारियों को दिया.