कम्पनी पर जुर्माना की लीपापोती, कम्पनी के कामकाज पर सभापति की भी नाराजगी

नागपुर. कचरा संकलन में पूर्व की कम्पनी कनक रिसोर्सेट द्वारा लापरवाही बरती जाने के कारण उसे बदलकर भले ही बीवीजी और एजी एनवायरों नामक अलग-अलग 2 कम्पनियों को शहर से कचरा संकलन का ठेका आवंटित किया गया हो, लेकिन शुरूआत से ही कम्पनी के कामकाज को लेकर तमाम पार्षदों की ओर से नाराजगी जताई जा रही है.

जहां-तहां कचरा पड़ा होने के लगातार मामले उजागर होने से अचानक हरकत में आए स्वास्थ्य समिति सभापति वीरेन्द्र कुकरेजा द्वारा कम्पनी पर भारी जुर्माना ठोकने के निर्देश तो दिए गए, किंतु जुर्माना ठोकने के निर्देश केवल लीपापोती होने के आरोप पार्षदों द्वारा लगाए जा रहे हैं. पार्षदों का मानना है कि पहले की कम्पनी पर भी इसी तरह से जुर्माना ठोंका जाता रहा है. लेकिन अंत तक उसकी कार्यप्रणाली में कोई सुधार नहीं देखा गया. अब पुन: इतिहास दौहराया जा रहा है.

ठेका रद्द करने का क्यों नहीं देते अल्टीमेटम

उल्लेखनीय है कि बुधवार को मनपा में स्वास्थ्य समिति की बैठक ली गई. जिसमें कचरा संकलन को लेकर उठे मुद्दे पर सभापति की ओर से नाराजगी तो जताई गई, लेकिन खानापूर्ति कर प्रशासन को कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं. सभापति का मानना था कि शुरूआती दौर में कम्पनी की ओर से अच्छा कार्य किया गया. किंतु अब दोनों कम्पनियों के खिलाफ लगातार शिकायतें आ रही है.

यहां तक कि कम्पनी पर टेंडर के अनुसार लादी गई शर्तों का भी पालन होता दिखाई नहीं दे रहा है. प्रत्येक घरों और व्यवसायीक प्रतिष्ठानों से उचित रूप से कचरा संकलन नहीं होने की भी शिकायतें आ रही है. सभापति के समक्ष इस रह की लापरवाही उजागर होने के बाद कम्पनी को ठेका रद्द करने का अल्टीमेटम देने की मांग पार्षदों द्वारा की गई है. 

निजी डॉक्टरों पर करें सख्त कार्रवाई

बैठक में कोरोना काल में निजी अस्पतालों द्वारा वसूले गए अधिक शुल्क पर भी सभापति कुकरेजा की ओर से नाराजगी जताई गई. उन्होंने कहा कि कई अस्पतालों ने मरीजों से अनाप-शनाप बिल वसूले हैं. जिससे ऐसे निजी डाक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी उन्होंने दिए. इस संदर्भ में जानकारी देते हुए डा. प्रवीण गंटावार ने कहा कि कोरोना के इलाज को लेकर कहीं से भी शिकायत मिलने पर इसकी जांच के लिए मनपा ने आडिटर की नियुक्ति कर रखी है. आडिटर की ओर से ऐसे अस्पतालों के दस्तावेजों की जांच होती है. यदि अस्पतालों की ओर से अधिक वसूली की गई, तो उसे मरीजों को वापस करने के निर्देश भी दिए जाते हैं. बैठक में कोरोना वैक्सीन पर भी चर्चा की गई.