lamps, Diye, pits

  • नागपुर सिटिझन्स फोरम का अभियान

नागपुर. सिटिजन्स फोरम ने सिटी को गड्डे मुक्त करने कि मुहिम के तहत लोगों से अपील करते हुये खराब सडकों और गड्ढों की तस्वीरे मंगवाई है. सोशल मीडिया पर चल रहे इस आंदोलन को अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है. अब तक 1500 के करीब लोगों ने गड्ढों के फोटो फोरम के पास भेजे है. फोरम द्वारा नागपुर लाईव सिटी एप और अन्य माध्यमों के जरीये गड्ढे बुझाने की मांग महानगरपालिका से की जा रही है, लेकीन मनपा प्रशासन कि धीमी रफ्तार के कारण यह समस्या जल्द खत्म होने के आसार नहीं दिख रहे है. लोगों ने दिवाली के मौके पर ऐसे गड्ढों के पास दिये और फुलझडियां जलाकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया.

पूर्व नागपुर के वाठोडा और कलमना, पश्चिम नागपुर के हजारी पहाड, सुरेंद्रगढ और झिंगाबाई टाकली और दक्षिण-पश्चिम के नरेंद्र नगर और खामला क्षेत्र की सडक पर प्रतिकात्मक रुप मे यह आंदोलन किया गया. वाठोडा डम्पिंग यार्ड सड़क की हालत बदतर हो गई है. बार-बार शिकायत करने के बाद भी मनपा प्रशासन के कानों पर जूं तक नही रेंग रही है.

इस हालत में स्थानीय लोगों का गुस्सा फुटता जा रहा है. वाठोडा के युवाओं ने डम्पिंग यार्ड वाले रोड पर जो गड्ढे हैं वहां मोमबत्ती और फुलझडी जला कर प्रशासन का निषेध किया. वहीं झिंगाबाई टाकली मेन रोड, गावंडे लेआउट और गोधनी रोड के निवासियों ने खराब सडकों पर दीये लगाकर इस अभियान में हिस्सा लिया. इस क्षेत्र में गड्ढों की समस्या बनी हुई है.

गंभीरता नहीं दिखाने पर दूसरा चरण

इस अभियान मे आम लोगों के साथ साथ नागपुर सिटिजन्स फोरम के अमित बांदुरकर, अभिजित झा, विकास चेडगे. वैभव शिंदे पाटील, अभिजित सिंह चंदेल, गजेंद्र सिंह लोहिया, प्रतिक बैरागी, निक्कू हिंदुस्थानी, श्रीया ठाकरे, शशांक गट्टेवार और पोटे शामील हुये. फोरम ने पिछले महीने से मुहिम की शुरूआत की है.

यदि मनपा द्वारा गंभीरता नहीं दिखाई गई तो आंदोलन का दूसरा चरण शुरू किया जाएगा, इसमें गड्ढों को जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के नाम देना शामिल है. साथ ही प्रशासन तुरंत हरकत में नहीं आया तो मनपा मुख्यालय के बाहर गड्ढों कि तस्वीरों वाले फ्लैक्स की प्रदर्शनी लगाने कि चेतावनी भी फोरम द्वारा दी गई है. फोरम के सदस्य अमित बांदूरकर ने कहां कि शहर कि समस्याओं के प्रति प्रशासन को जगाना ही उद्देश्य है.