Mahavitaran gave 71 thousand connections in Vidarbha in lockdown

  • महावितरण कर रही साहूकारी

नागपुर. बिजली कंपनी महावितरण को अपना मार्च महीने का टारगेट पूरा करने की इतनी हड़बड़ी मची हुई है कि वह वसूली करने वाले किसी साहूकार की तरह का व्यवहार अपने ग्राहकों से करने लगी है. स्नेहनगर वर्धा रोड में रहने वाले मंगेश कृष्णराव नायक का पिछला बकाया मिलाकर 7 मार्च को 16,580 रुपयों का बिल दिया गया था जिसे जमा करने की अंतिम तिथि 30 मार्च दी हुई है. लेकिन महावितरण के कर्मचारियों का दल 25 मार्च की सुबह ही उनका कनेक्शन काटने पहुंच गया. नायक ऊपर माले के फ्लैट पर रहने वाले ग्राहक को बिना सूचना दिये ही मीटर कनेक्शन काटना शुरू कर दिया. किसी ने नायक को सूचना दी तो वे बिल लेकर नीचे उतरे. उन्होंने बताया कि बिल में 30 मार्च अंतिम तिथि है और वे बिल जमा कर देंगे. उसके पहले कनेक्शन कैसे काटा जा सकता है. कर्मचारियों ने उन्हें बताया कि कार्यकारी अभियंता का आदेश है, आप उनसे बात कर लो. आपका पुराना बकाया है. कर्मचारियों ने कनेक्शन काटा और वहां से चले गए.

3 किस्तों में जमा करना था बिल

ग्राहक ने बताया कि आर्थिक कारणों के चलते उनपर बकाया हो गया था. फरवरी महीने में कार्यकारी अभियंता से चर्चा के बाद 3 किस्तों में बिल जमा करने की सुविधा उन्हें दी गई थी. फरवरी महीने में ही उन्होंने 2 किस्त 30 हजार जमा कर दिया था. कार्यकारी अभियंता ने उन्हें कहा था कि तीसरी किस्त चालू महीने के बिल के साथ पूरा जमा कर देना. पिछला बकाया 14,400 और करेंट बिल मिलाकर 16,580 रुपये का आया था जिसकी अंतिम तिथि 30 मार्च थी. लेकिन उसके पहले ही उनका मीटर कनेक्शन काट दिया गया. 

बिल सेंटर भी बंद

उसके बाद वे कनेक्शन जुड़वाने के लिए बिल जमा करने खामला स्थित महावितरण के बिल स्वीकार केन्द्र पर गए लेकिन वहां शटर गिरा था, केन्द्र बंद था. फिर सहयोगी के साथ अजनी महावितरण के कार्यालय गये. वहां उपस्थित कर्मचारी भी सीधे मुंह बात नहीं कर रहे थे तब उनकी पत्नी भड़क उठी. तब उन्हें रिकनेक्शन के लिए 472 रुपये का डिमांड भरने को कहा गया. अजनी कार्यालय में तो ग्राहकों को डिमांड आदि भरने की सुविधा तक नहीं है. छत्रपति चौक स्थित गोविंद अर्बन को-ऑप. बैंक में आकर डिमांड भरना पड़ा. फिर वह दोबारा अजनी गए, तब कहीं जाकर उनका कनेक्शन दोबारा जोड़ा गया. महावितरण की हरकत से ग्राहक परेशान हो रहे हैं. 

15 मार्च तक जमा करने को कहा था

इधर, मामले पर महावितरण के एक अधिकारी का कहना है कि उस ग्राहक को 15 मार्च तक तीनों किस्त का भुगतान करने को कहा गया था लेकिन उन्होंने जमा नहीं किया इसलिए कार्रवाई की गई. लेकिन ग्राहक इसे साफ झूठ बता रहे हैं. उनका कहना है कि कार्यकारी अभियंता ने तीसरी किस्त उस महीने की चालू बिल के साथ जमा करने को कहा था. अगर 15 तारीख की बात थी तो फिर उनका कनेक्शन 16 तारीख को ही काटने आ जाना था, 25 तारीख तक इंतजार क्यों किया गया. महावितरण ग्राहकों की सुविधा और मार्च टारगेट पूरा करने के लिए छुट्टी के दिन भी बिल स्वीकार केन्द्र खुला रख रही है तो खामला वाला केन्द्र बंद कैसे रखा गया यह भी समझ से परे है.