Without Mask Fine

  • कोरोना को लेकर बढ़ रही असावधानी

नागपुर. कोरोना संकट अब तक खत्म नहीं हुआ है. दिसंबर और जनवरी में संक्रमण के और तेजी से फैलने की संभावना व्यक्त की गई है. प्रशासन भी पूरी तरह मुस्दैत होने का दावा कर रहा है. लेकिन अब भी लोगों द्वारा लापरवाही बरती जा रही है. मनपा प्रशासन ने मास्क नहीं पहनने वाले वाहन चालकों के खिलाफ मुहिम छेड़ रखी है. जबकि इसके विपरित बाजारों में न ही मास्क नजर आता है और लोगों के बीच सोशल डिसटेंसिंग दिखाई देती है. अब तो सवाल भी उठने लगा है कि क्या केवल वाहन चलाते वक्त ही कोरोना वाइरस सक्रिय हो जाता है.

जब तक कोरोना पर नियंत्रण के लिए वैक्सिन नहीं आ जाती तब तक सावधानी ही एकमात्र उपाय है. इन दिनों मौसम का मिजाज एक बार फिर बिगड़ गया है. ठंड के साथ ही बारिश भी होने लगी है. इस मौसम में संक्रामक बीमारियां जोर पकड़ती है, सर्दी, जुकाम और गले में इंफेक्शन आम बात हो जाती है. इस हालत में सावधानी बरतना अनिवार्य है. लेकिन कई जगह लापरवाही सरेआम दिखाई दे रही है. 

वाहन से उतरते हुए मास्क गायब

मनपा द्वारा तैनात किये गये दस्ते सड़कों पर बिना मास्क लगाए वाहन चलाने वालों पर कार्रवाई कर रहे हैं. हर दिन 200 से अधिक लोगों से चालान वसूला जा रहा है. कर्मचारी चौहारों पर खड़े दिखाई देते है. जब भी कोई वाहन चालक बिना मास्क दिखाई दिया तो उसका चालान काटा जाता है. चालान के डर से लोग बिना मास्क घर से नहीं निकल रहे है. लेकिन बाजारों में देखने पर लगता है कि कोरोना काल खत्म हो गया है. दिवाली से पहले और बाद में बाजारों में एक जैसी स्थिति बनी हुई है. अब भी भीड़ कम नहीं हुई है. वाहन से उतरने के बाद लोग मास्क को हेलमेट की तरह अलग रख देते हैं. न ही सोशल डिसटेंसिंग का पालन किया जा रहा है और न ही सेनेटाइजेशन की फिक्र की जा रही है. दूकानदार भी नियमों के पालन पर ध्यान नहीं दे रहे हैं. यह स्थिति खतरानाक हो सकती है. 

नियमों का पालन अनिवार्य

कोरोना से बचने के लिए सतर्कता और सावधानी ही एकमात्र उपाय है. प्रशासन की अपील के बाद भी लोग बच्चों को लेकर बाजारों में नजर आ रहे हैं. डाक्टरों की माने तो सेकेंड वेव पहली वेव की तुलना में ज्यादा तीव्रता वाली हो सकती है. यही वजह है कि मई-जून जैसे ही नियमों का पालन अनिवार्य हो जाता है. यदि नियमों का पालन किया गया तो बीमारी से खुद को बचाने के साथ ही दूसरों को भी सुरक्षित रखा जा सकता है.