Sandeep Joshi and Tukaram mundhe

  • पालकमंत्री द्वारा मुंढे के बचाव पर भड़के

नागपुर. स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में अनियमितता को लेकर जारी विवाद में पालकमंत्री नितिन राउत द्वारा मनपा आयुक्त मुंढे का पक्ष लिये जाने पर महापौर संदीप जोशी ने चुनौती देते हुए कहा कि वे इस बारे में कहीं भी और किसी से भी खुली चर्चा को तैयार है. ज्ञात है कि पालकमंत्री राउत ने कहा था कि स्मार्ट सिटी के सीईओ के तौर पर प्रवीण परदेशी ने मनपा आयुक्त मुंढे को अधिकार दिये. इन अधिकारों के आधार पर यदि मुंढे ने कोई आदेश दिया तो क्या गलत किया. राउत के इस बयान पर महापौर जोशी ने चेतावनी देते हुए कहा कि पालकमंत्री मनपा आयुक्त का बचाव कर रहे हैं. यह बहुत ही दुर्देवी बात है. इस विषय पर वह किसी से भी खुली चर्चा को तैयार है. सिर्फ दिन बताये कि कब चर्चा करनी है.

प्रशंसा से भड़का माहौल
नागपुर स्मार्ट एंड सस्टेनेबल सिटी डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड के सीईओ पद को लेकर महापौर संदीप जोशी और मनपा आयुक्त मुंढे के बीच जारी विवाद अब चरम पर पहुंच चुका है. 10 जुलाई को स्मार्ट सिटी के संचालकों की बैठक आयोजित की गई है. इस दौरान पालकमंत्री नितिन राउत ने कोरोना काल में मनपा आयुक्त मुंढे द्वारा कार्य की प्रशंसा करते हुए स्मार्ट सिटी विवाद में उनका बचाव किया. उन्होंने कहा कि मुंढे ने स्वयं होकर कुछ नहीं किया है. चेअरमैन द्वारा अधिकार दिये जाने के बाद ही उन्होंने स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट को भी अनियमितता से बचाने का प्रयास किया. यदि किसी कम्पनी को आदेश दिया होगा तो वह उनके मिले अधिकार के आणार पर ही होगा. इसके बाद से ही राउत और महापौर जोशी के बीच विवाद शुरू हो गया. 

भारी पडेगा ‘क्लीन चिट’ देना : जोशी
पालकमंत्री राउत के इस बयान पर महापौर संदीप जोशी ने कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए कहा कि वे इस विषय पर किसी से भी और कहीं भी खुली चर्चा को तैयार हैं. आधी-अधूरी जानकारी के आधार पर राउत जैसे नेता ने गैर जिम्मेदार बयान नहीं देना चाहिए. मुंढे स्वयं यह सिद्ध नहीं कर सके हैं कि सीईओ के अधिकार उन्हें किस नियम के आधार पर मिले हैं. यदि राउत से ऐसे बयान करते हैं तो वे स्वयं यह बात साबित करके बताये.

उन्होंने कहा कि अधिकार ना होते हुए भी बैंक को भ्रमित करते हुए 20 करोड़ रुपये किसी कम्पनी को दे देना, यह गलत है. हम यह बात पूरी जिम्मेदारी और सबुतों के साथ कह रहे हैं. यदि राउत को मेरी बात झूठ लगती है तो वे खुली चर्चा में इसे साबित करें. हम किसी भी चर्चा के लिए तैयार हैं. जहां-जहां आयुक्त ने अच्छा काम किया, वहां हम उनके साथ है. लेकिन जहां गलती करेंगे वहां क्षमा नहीं किया जायेगा. हमने जो आरोप लगाये हैं, वह साबित करेंगे. इससे पहले ही उन्हें क्लीन चिट देना राउत को भारी पड़ सकता है.