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    नागपुर. चोरी और लूटपाट करके साहूकार बने राकेश डेकाटे और उसकी गैंग पर पुलिस ने मोका लगा दिया है. अवैध साहूकारी करके डेकाटे करोड़पति बन गया है. मजबूर लोगों को मोटी ब्याज दर पर रुपए उधार देकर इसने करोड़ों रुपये की संपत्ति हथिया ली. क्राइम ब्रांच ने विगत 6 फरवरी को स्नेहनगर निवासी राकेश डेकाटे (40), प्रियदर्शिनी अपार्टमेंट, सिविल लाइन्स निवासी महेश उर्फ गणेश साबणे (50), और तिलकनगर निवासी मदन चंद्रकांत काले (62) को गिरफ्तार कर लिया था. उनके 2 साथी मुकेश डेकाटे और नरेश ठाकरे अब भी फरार हैं. डेकाटे के अपराधों की लंबी फेहरिस्त है.

    वर्ष 1999 से डेकाटे ने अपराध की दुनिया में कदम रखा. पहले तो वह चोरी और उठाईगिरी करता था. उसके खिलाफ धंतोली, प्रतापनगर और सीताबर्डी थाने में चोरी के कई मामले दर्ज हैं. जेल जाने के बाद उसकी हिम्मत और बढ़ गई. उसने लूटपाट की वारदातों को अंजाम दिया. खुद को बड़ा गुंडा बताकर उसने लोगों से फिरौती मांगनी शुरू कर दी.

    जान से मारने की धमकी देने के भी कई मामले दर्ज हुए. अब तक उसके खिलाफ शहर के विभिन्न थानों में 26 मामले दर्ज हो चुके हैं. उसकी गतिविधियों और रिकॉर्ड को देखते हुए जांच अधिकारी इंस्पेक्टर विनोद पाटिल ने डीसीपी गजानन राजमाने के मार्फत डीआईजी क्राइम सुनील फुलारी को मोका के तहत मामला दर्ज करने के लिए प्रस्ताव भेजा.

    शनिवार को फुलारी ने उसके खिलाफ मामला दर्ज करने के आदेश दिए. प्रकरण की जांच एसीपी परसुराम कार्यकर्ते को सौंपी गई है. राकेश के भाई मुकेश और नरेश ठाकरे की तलाश पुलिस कर रही है. पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि मुकेश और नरेश के बारे में कोई जानकारी हो तो पुलिस को सूचना दें. जानकारी देने वाले का नाम गोपनीय रखा जाएगा.