Medical tiles

  • क्वालिटी पर ध्यान नहीं दे रहा पीडब्ल्यूडी विभाग

नागपुर. शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय व अस्पताल में किसी भी सुधार कार्य के लिए महीनों लग जाते हैं. वहीं जो निर्माण कार्य किया जा रहा है, उसकी क्वालिटी भी इतनी खराब है कि कुछ ही दिनों बाद स्थिति जस की तस हो जाती है. पिछले दिनों विविध स्थानों पर लगाई गई टाइल्स कुछ ही दिनों बाद उखड़ने लगी. वहीं कई जगह पाइप भी निकलने लगे है.

इस वजह से शौचालयों से निकलने वाला दूषित पानी परिसर में फैलता रहता है. पिछले दिनों मेडिकल में वार्ड से लेकर ओपीडी में दीवारों पर टाइल्स लगाई गई.

टाइल्स लगने से गंदगी कम हुई है. वहीं तंबाकू, गुटका खाकर थूकने के निशान भी नहीं पड़ रहे हैं. लेकिन इन दिनों कई जगह टाइल्स निकल रही है. निकली हुई टाइल्स देखकर लगता है कि सीमेंट का योग्य तरीके से इस्तेमाल नहीं किया गया. एक नहीं बल्कि एक साथ 3-4 टाइल्स निकलने से घटिया क्वालिटी सामने आ जाती है.

मेडिकल सहित शासकीय कार्यालयों में विविध तरह के निर्माण सहित सुधार कार्य सार्वजनिक निर्माण कार्य विभाग द्वारा किया जाता है. लेकिन देखरेख का अभाव और क्वालिटी के प्रति गंभीरता नहीं बरतने का ही नतीजा है कि एक कार्य को बार-बार करने जैसी नौबत आ गई है. सरकारी निधि का इस कदर दुरुपयोग किया जा रहा है. मेडिकल में कई जगह शौचालयों से निकलने वाले पाइप भी फूट गये हैं. इन फूटे पाइपों से चौबिसों घंटे पानी गिरता रहता है.

इस वजह से परिसर में बदबू फैलती है. इतना ही नहीं कई वार्डों में शौचालय टूट गये हैं. लेकिन विभाग द्वारा महीनो निरीक्षण नहीं किया जाता. यही वजह है कि मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है. यदि निर्माण कार्य में सामग्री उच्च दर्जे की इस्तेमाल की जाये तो इस तरह की खामियां देखने को ही नहीं मिलेगी.