infectious diseases

    नागपुर. वैसे भी बारिश के मौसम में संक्रामक बीमारियां तेजी से फैलती हैं लेकिन इस बार स्थिति विपरीत बनी हुई है. जून के महीने से औसत से ज्यादा बारिश हो गई. वहीं जुलाई में अब तक की सबसे कम बारिश हुई है. आसमान पर बादल भी नजर नहीं आ रहे हैं. मौसम पूरी तरह खुल गया है. धूप और उमस ने हलाकान कर दिया है. यही वजह है कि इन दिनों तरह-तरह की बीमारियां लोगों पर हमला कर रही हैं. डायरिया, सर्दी, जुकाम के सबसे ज्यादा मरीज मिल रहे हैं. वहीं बच्चों में चिकन पाक्स, आंख और त्वचा से संबंधित इंफेक्शन तेजी से बढ़ रहा है. डॉक्टरों की मानें तो महीनेभर संक्रामक बीमरियों का जोर रहेगा. 

    जुलाई में बारिश होने से मौसम कूल-कूल हो जाता था लेकिन इस बार जिले में बहुत कम बारिश हुई है. केवल एक ही दिन मूसलाधार बारिश हुई. स्थिति यह है कि सुबह से ही आसमान खुल जाता है. बादल भी नजर नहीं आते. अप्रैल की तरह जुलाई में धूप चुभ रही है. उमस ने हलाकान कर रखा है. कुछ देर पैदल चलने पर पूरा शरीर पसीने से भीग रहा है. 

    बारिश नहीं होने से सीधा असर

    इन दिनों शासकीय सहित प्राइवेट अस्पतालों में इंफेक्शन वाले मरीज बढ़े हैं. बच्चों से लेकर बड़ों में सर्दी, जुकाम और खांसी आम हो गई है. परिवार में किसी एक सदस्य को होने पर इंफेक्शन तेजी से फैल रहा है. कोरोना काल होने से लोगों में अब भी दहशत का माहौल है. बच्चों में जुकाम के साथ ही डायरिया, चिकन पाक्स भी देखने को मिल रहा है. वहीं आंखों में जलन, आंख आना, त्वचा पर रेसेस होने जैसी शिकायतें बढ़ गई हैं. डॉक्टरों का कहना है कि बारिश के मौसम में इंफेक्शन तेजी से फैलता है लेकिन इस बार बारिश नहीं होने से बीमारी और जोर पकड़ रही है. खासतौर पर इस मौसम में बच्चों के स्वास्थ्य की देखभाल आवश्यक है. 

    तेजी से फैल रहा इंफेक्शन : डॉ. अरबट

    श्वसन रोग विशेषज्ञ डॉ. अशोक अरबट ने बताया कि इन दिनों बच्चों के साथ ही बड़ों में भी विविध तरह की बीमारियां देखने को मिल रही हैं. सर्दी, जुकाम के साथ ही दमा के भी मरीज बढ़े हैं. इंफेक्शन तेजी से फैलने की वजह से परिवार के अन्य सदस्य भी बीमार पड़ रहे हैं. बीमारी किसी भी तरह की हो, बिना विशेषज्ञ की सलाह दवाई लेना ठीक नहीं होगा. वैसे भी अभी कोरोना संकट पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है. यही वजह है कि समय रहते टेस्ट कराने की सलाह डॉ. अरबट ने दी. 

    विशेषज्ञों की सलाह जरूरी: डा. गावंडे

    बारिश नहीं होने से वातावरण में उमस बढ़ गई है. इससे भी कई तरह की बीमारियां फैल रही हैं. कोरोना की तीसरी लहर की संभावना के मद्देनजर पालक भी बच्चों की सेहत को लेकर चितिंत हो गये हैं. बच्चों में डायरिया, तेज जुकाम और चिकन पाक्स की शिकायतें बढ़ने लगी हैं. वहीं बच्चों में चिड़चिड़ाहट भी बढ़ने लगी है. किसी भी तरह के लक्षण दिखाई देने पर विशेषज्ञों की सलाह लेना आवश्यक है.