ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन का निकला मुहूर्त, परीक्षा को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं

    • 2,07,16 विभाग में कुल सीटें 
    • 47 इंजीनियरिंग कॉलेज 
    • 18,240 सीटें उपलब्ध 
    • 10 आर्किटेक्चर कॉलेज
    • 600 सीटें उपलब्ध  
    • 25 फार्मेसी कॉलेज 
    • 1670 सीटें उपलब्ध 

    नागपुर. कोरोना महामारी की वजह से इस बार 10वीं व 12वीं की परीक्षा रद्द की गई. परीक्षा नहीं होने से इंजीनियरिंग सहित फार्मेसी पाठ्यक्रम में प्रवेश को लेकर छात्रों में संभ्रम की स्थिति बनी थी. लेकिन सरकार द्वारा राज्य के अभियांत्रिकी सहित आर्किटेक्चर, फार्मेसी व कृषि पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए सीईटी की घोषणा कर दी गई. इसके लिए मंगलवार से ही ऑनलाइन पंजीयन शुरू कर दिया गया.

    मंगलवारी की मध्यरात्रि के बाद महाराष्ट्र सीईटी के लिए ऑनलाइन आवेदन करने संबंधी सूचना उच्च व तकनीकी शिक्षा मंत्री उदय सामंत द्वारा जारी की गई. इसके साथ ही छात्रों ने राहत की सांस ली. साथ ही प्रवेश के लिए तैयारियां भी आरंभ कर दीं. छात्रों को पहले सीईटी सेल की वेबसाइट  www.mahacet.org पर पंजीयन कराना है.

    पिछले वर्ष कोरोना की वजह से अनेक छात्र डिग्री लेकर भी खाली रह गये. वर्षभर ऑनलाइन क्लासेस ही चलती रही. इस वजह से माना जा रहा है कि इस बार स्थिति अच्छी नहीं होगी. लेकिन परीक्षा नहीं होने और आतंरिक मूल्यमापन के आधार पर परिणाम बनाए जाने से अनेक छात्रों को मेरिट के अंक मिल सकते हैं. यही वजह है कि इंजीनियरिंग करने वाले छात्रों की संख्या बढ़ सकती है. 

    छात्रों की प्रतीक्षा हुई खत्म 

    एमएचटी-सीईटी परीक्षा के लिए पिछले वर्ष राज्य के ४,3२,000 से अधिक छात्रों ने पंजीयन कराया था. नागपुर विभाग में इनकी संख्या २२,५५६ थी. महाराष्ट्र के अलावा सीईटी के लिए अन्य राज्यों के छात्रों की भी रुचि बढ़ रही है. पिछले वर्ष मध्य प्रदेश से सर्वाधिक २,८७४, उत्तर प्रदेश २,४७०, बिहार २,१७६, गुजरात १,६७९, कर्नाटक १,3२९ छात्रों ने हिस्सा लिया था.

    फिलहाल पंजीयन कराने की शुरुआत हुई है लेकिन अब तक परीक्षा के पैटर्न को लेकर कोई निर्णय नहीं लिया गया है. माना जा रहा है कि सरकार कोरोना का प्रकोप होने की राह देख सकती है. इसके बाद ही ऑनलाइन पद्धति से परीक्षा ली जा सकती है. छात्र पहले से ही जेईई की तैयारी में जुटे हुए हैं. 2 बार परीक्षा भी हो चुकी है. अब सीईटी हो जाने से छात्रों को उनके स्कोर को लेकर स्थिति स्पष्ट हो जाएगी. साथ ही भविष्य में किस लेवल पर प्रवेश मिलेगा यह भी तय हो जाएगा.