इंजीनियरिंग प्रवेश का निकला मुहूर्त – 15 तक होगा रजिस्ट्रेशन

नागपुर. कोरोना काल में इस बार एडमिशन प्रक्रिया देरी से चल रही है. देश में आईआईटी, एनआईटी सहित समकक्ष संस्थाओं में प्रवेश प्रक्रिया पूरी हो गई है, लेकिन राज्य सरकार के सीईटी सेल का कामकाज काफी देरी से चल रहा है. इंजीनियरिंग प्रथम वर्ष प्रवेश प्रक्रिया के संबंध में मंगलवार को नोटिफिकेशन जारी करने के साथ ही रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है. यह प्रक्रिया 15 दिसंबर तक चलेगी. 

एडमिशन प्रक्रिया में देरी से छात्र निराश हो गए थे. कई छात्रों ने तो विश्वविद्यालयों में विविध पाठ्यक्रमों में प्रथम वर्ष में प्रवेश भी करा लिया है. अब इंजीनियरिंग के लिए छात्रों को अपना प्रोविजनल एडमिशन रद्द करना पड़ेगा. सीईटी सेल द्वारा जारी  शेडयूल के अनुसार 15 दिसंबर तक छात्र वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे. साथ ही दस्तावेजों की ऑनलाइन जांच भी की जाएगी.

16 दिसंबर तक दस्तावेजों का वेरिफिकेशन होगा. इस बार समूची प्रक्रिया ऑनलाइन होने से छात्रों को एफसी सेंटर पर नहीं जाना है. दस्तावेजों से संबंधित किसी भी तरह की गड़बड़ी या कमी होने पर छात्रों को मैसेज भेजकर अवगत कराया जाएगा. 

18 को प्रोविजनल मेरिट सूची 

इस बार ऑनलाइन प्रक्रिया होने से सीईटी सेल ने राज्यभर में किसी भी सेंटर पर वेरिफिकेशन की सुविधा उपलब्ध कराई है, जबकि पहले छात्रों को अपने ही शहर में एफसी सेंटर में जाकर दस्तावेजों का वेरिफिकेशन करना होता था. रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 18 दिसंबर को प्रोविजनल मेरिट सूची जारी की जाएगी.

19-20 दिसंबर तक छात्र इस पर आपत्ति दर्ज करा सकते हैं, जबकि 22 दिसंबर को अंतिम मेरिट सूची आएगी. इसके बाद 23-25 दिसंबर तक ऑप्शन फार्म भरे जाएंगे. वहीं 28 दिसंबर को पहला अलाटमेंट आएगा. 29-31 दिसंबर तक छात्रों को कॉलेजों में रिपोर्ट करना होगा. इसके बाद 1 जनवरी से कैप राउंड-2 की शुरुआत होगी. 

देरी से गड़बड़ाया गणित 

इस बार सीईटी के लिए आवेदन करने वाले छात्रों की बढ़ती संख्या देखकर अनुमान लगाया जा रहा था कि सभी कॉलेजों के अच्छे दिन आएंगे. लेकिन परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों की संख्या कम रही. पिछले वर्ष राज्य के इंजीनियरिंग कॉलेजों में करीब 56,000 सीटें खाली रह गई थीं. इस बार परीक्षा में पात्र होने वाले छात्रों की संख्या में करीब 1 लाख की कमी आई है. इंजीनियरिंग के लिए १,७४,६७९ छात्रों ने परीक्षा दी थी, जबकि करीब 1.3 लाख सीटें उपलब्ध हैं.

इस बार प्रक्रिया में देरी हुई है. अब करीब एक सत्र का समय निकल गया है. खाली रहने की बजाय कई छात्रों ने बीएससी, बीकॉम सहित अन्य पाठ्यक्रमों में प्रवेश ले लिया है. इस वजह से सभी पात्र छात्र इंजीनियरिंग में ही जाएंगे, यह भी पक्का नहीं है. जो छात्र पहले से ही तैयारी कर बैठे थे, उनकी पहली प्राथमिकता नामी कॉलेज होंगे. इस हालत में एक बार फिर नये कॉलेजों को छात्रों की राह देखते रहना पड़ेगा. कोरोना की वजह से पहले से ही कॉलेजों की हालत पतली हो गई है, वहीं दूसरी ओर कम प्रवेश से और दिक्कतें बढ़ सकती हैं. 

डायरेक्ट सेकंड ईयर की भी प्रक्रिया 

प्रथम वर्ष के साथ ही डायरेक्ट सेकंड ईयर की भी प्रवेश प्रक्रिया का शेड्यूल जारी कर दिया गया है. डिप्लोमा उत्तीर्ण छात्रों को सीधे सेकंड ईयर में प्रवेश मिलता है. इच्छुक छात्रों को भी प्रथम वर्ष की तरह ही तिथियां घोषित की गई हैं.