Coronavirus

  • और कुछ महीने तक राहत की उम्मीद नहीं

नागपुर. सोमवार को टेस्ट कम होने से पाजिटिव मरीजों की संख्या में भी कमी आई थी, लेकिन मंगलवार को कुल टेस्टिंग 6227 होने के साथ ही संक्रमित मरीजों की संख्या भी बढ़ी हैं. 1002 से बढ़कर 1957 पॉजिटिव होने के साथ ही अब जिले में कुल संख्या 55430 हो गई हैं. वहीं 48 मरीजों की मौत के साथ ही 1753 की अब तक जान चली गई. मरीजों की बढ़ती संख्या देखकर लग रहा है कि अगले 2-3 महीनों तक राहत नहीं मिलने वाली हैं. मरने वालों में अधिकांश वे मरीज है जो देरी से अस्पताल पहुंचे और पहले से ही विविध बीमारियों से भी ग्रसित थे.

मंगलवार को जिन 48 मरीजों की मौत हुई उनमें 13 ग्रामीण और 29 सिटी के रहे. जबकि 6 मरीज जिले से बाहर के थे. अब तक जिले में कुल 1753 मरीजों की मौत हो चुकी है, जिनमें 275 ग्रामीण और 1321 सिटी के मरीजों का समावेश रहा है. जबकि 157 मरीज जिले से बाहर के थे. पॉजिटिव मरीजों में ग्रामीण के 246 और सिटी के 1705 रहे हैं. वहीं 11344 एक्टिव केस है. जिनमें 5757 होम आयसोलेशन में है. मंगलवार को 1666 मरीजों को ठीक होने के बाद छुट्टी दी गई. इस तरह अब तक कुल 42333 मरीजों को छुट्टी दी जा चुकी हैं. अधिकाधिक मरीजों की तबीयत ठीक होने का ही नतीजा है कि जिले में रिकवरी रेट 76.37 फीसदी हो गया हैं.

शासकीय में कम, निजी लैब में ज्यादा
प्रशासन द्वारा शासकीय प्रयोगशालाओं में नि:शुल्क जांच की सुविधा उपलब्ध होने के बाद भी अधिकांश लोग निजी प्रयोगशालाओं में जाना पसंद कर रहे हैं. मंगलवार को एम्स की लैब में 153, मेडिकल 619, मेयो 623, माफसू 145, नीरी की लैब में 183 नमूनों की जांच की गई. दरअसल निरी और माफसू में केवल लैब सुविधा है. यहां नमूने नहीं लिये जाते. इन लैब में मनपा के विविध केंद्रों में एकत्रित किये जाने वाले नमूनों के साथ ही जिले के अन्य केंद्रों से भेजे गये नमूनों की भी जांच की जाती है. वहीं मेडिकल और मेयो में अन्य जिलों के भी नमूने जांच के लिए आते हैं. जबकि सिटी में 3 निजी प्रयोगशालाएं है. इनमें एक ही दिन में 1570 लोगों की जांच की गई. वहीं प्रशासन द्वारा शासकीय स्तर जिलेभर में 2934 एंटिजेन टेस्ट किये गये.

सिटी में अब तक की स्थिति

55430 कुल संक्रमित

1753 की मौत

42333 को छुट्टी

11344 एक्टिव केस