ABVP pressure, university withdraws, refuses to give vice-chancellor speech in anti-naxal program

  • अनेक खामियों की मद्देनजर निर्णय

नागपुर. सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के बाद आरटीएम नागपुर विवि ने अंतिम वर्ष परीक्षा की तैयारी तो आरंभ कर दी, लेकिन अनेक खामियां होने से परीक्षा पर संकट के बादल मंडराने लगे थे. गुरूवार यानी 1 अक्टूबर से परीक्षा ली जानी थी, लेकिन अब तक अनेक छात्रों को प्रवेश पत्र ही नहीं मिले.

वहीं दूसरी ओर विवि ने आदेश जारी कर कहा था कि यदि कोई छात्र परीक्षा से वंचित रहता है तो इसकी जिम्मेदारी कालेजों पर होगी. प्राचार्य फोरम ने आक्रामण रूख अपनाते हुए परीक्षा आगे बढ़ाने की मांग की. इस पर विवि प्रशासन ने परीक्षाएं स्थगित कर दी. अब 7 दिन बाद नया शेड्यूल जारी किया जाएगा. अचानक परीक्षाएं स्थगित किये जाने से छात्रों ने भी आश्चर्य व्यक्त किया है.

परीक्षा से पहले छात्रों को प्रवेश पत्र मिलना आवश्यक है. क्योंकि इसी प्रवेश पत्र में छात्रों का पासवर्ड और यूजर आईडी दिया गया है. इसके बिना प्रश्न पत्र नहीं खुलने वाले हैं. यानी जिन छात्रों को प्रवेश पत्र नहीं मिलेगा वे परीक्षा से वंचित रह जाएगे. कोविड काल में छात्रों को परीक्षा से एक-दो दिन पहले प्रवेश पत्र मिलना आवश्यक है. लेकिन मंगलवार तक कई छात्रों को प्रवेश पत्र नहीं मिले थे. दरअसल इन दिनों विवि के शिक्षकेत्तर कर्मचाºरी आंदोलन कर रहे हैं. काम बंद होने से समूची प्रक्रिया पर ब्रेक लग गया है. यही वजह है कि प्रवेश पत्र कालेजों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं.

प्राचार्य फोरम ने जताई थी नाराजगी
कर्मचारियों के आंदोलन की वजह से काम पर असर पड़ा है. इस हालत में विवि प्रशासन ने परीक्षा की सभी जिम्मेदारी कालेजों को ढकेल दी थी. विवि के इस रवैये से नाराज प्राचार्य फोरम ने परीक्षा आगे बढ़ाने की मांग की. विवि का कहना है कि कालेजों को मेल के माध्यम से प्रवेश पत्र भेजे गये है, लेकिन डाउन लोड होने में देरी की वजह से दिक्कतें आ रही हैं. कुछ मामलों में यह भी देखने को मिला कि प्रवेश पत्र अन्य कालेजों को भेजे जा रहे है. कमला नेहरू महाविद्यालय के परीक्षा प्रवेश पत्र कोराडी के एक महाविद्यालय को भेज दिये गये. इस तरह के अनेक उदाहरण सामने आ रहे थे.

विवि के पास परीक्षा लेने के लिए पृथक विभाग है. आन लाइन परीक्षा के लिए छात्रों के ईमेल आयडी, मोबाईल नंबर पहले ही लिये गये हैं. इस हालत में छात्रों के मोबाइल नंबर पर प्रवेश पत्र भेजे जा सकते थे. लेकिन विवि ने यह जिम्मेदारी कालेजों को सौंपी. परीक्षा को लेकर विरोध नहीं है. लेकिन अधूरी तैयारी के मद्देनजर परीक्षा तिथि बढ़ाने की मांग को लेकर उपकुलपि को जापन भी सौंपा गया था. – प्रा. आर.जी. टाले, सचिव, प्राचार्य फोरम.

कर्मचारियों के आंदोलन की वजह से कामकाज प्रभावित हुआ है. यही वजह है कि विवि प्रशासन ने १ अक्टूबर से ली जाने वाली परीक्षा स्थगित कर दी है. अगली तिथि के बारे में निर्णय लेने के पश्चात नया शेडयूल जारी किया जाएगा. – प्रा प्रफुल्ल साबले, संचालक, परीक्षा व मूल्यांकन मंडल.