nitin gadkari birthday special

    नागपुर: केंद्रीय परिवहन और उद्योग मंत्री नितिन गडकरी का आज 63वां जन्मदिन है। भारतीय राजनीति में गडकरी के पहचान एक संवेदनशील नेता और एक अजातशत्रु जिसे उनके विरोधी भी पसंद करते हैं। इसी के साथ उन्हें एक दूर की सोचने और टेक्नोलॉजी का सही इस्तेमाल करने वाले के तौर पर भी होती है। उनके कार्य में उनकी सिद्धहस्त, दक्षता और समर्पण का ही परिणाम है कि उन्हें कोई रोडकरी, फ्लाईओवर मैन, हाईवे मैन और विकास पुरुष के नाम से पुकारते हैं, लेकिन केवल कार्य करना ही उनकी विशेषता नहीं है।

    ऐसा नेता जिसे काम से सब को अपना बनाया 

    वह संभवत: इस सरकार के उन चुनिंदा मंत्रियों में हैं, जो लोगों से अपने कार्य को लेकर शिकायत आमंत्रित करते हैं। उन्हें अपने कार्यो की आलोचना भी पसंद है। वह, निंदक नियरे राखिये, की नीति पर विश्वास करते हैं. बकौल नितिन गडकरी अगर सिर्फ हां ही सुनने की आदत हो जाए तो उससे कार्य निश्चित रूप से प्रभावित होता है।  

    हमारे सबसे बड़े शुभचिंतक वह हैं जो हमारी कमी की ओर हमारा ध्यान आकर्षित करते हैं। जिससे हम अपने कार्य को और अधिक बेहतर कर सकते हैं। लेकिन हां, आलोचना स्वस्थ और पूर्वाग्रह से प्रभावित नहीं होनी चाहिए। 

    काम के लिए कानून मोड़ने और बदलाव के पक्षधर

    उनके कार्य करने की शैली अलग है. वह इसके लिए कानून को अंत तक मोड़ने और जरूरत पड़ने पर कानून में सकारात्मक बदलाव के पक्षधर हैं. लेकिन वह कानून तोड़ने के पक्षधर नहीं है. गडकरी अक्सर कहते हैं, ‘‘डोंट ब्रेक द लॉ बट यू बेंड इट टिल यू डू इट फॉर गुड वर्क विद गुड एम”. वे अन्य नेताओं से इस मामले में इसलिए भी अलग है कि वे सार्वजनिक तौर पर यह कहते हैं कि अगर किसी कानून में समय के अनुरूप बदलाव की जरूरत है तो उससे पीछे नहीं हटना चाहिए. 

    कई बार ऐसे कानून होते हैं, जो उस समय के लिहाज से बनाए गए थे. जब उनकी परिकल्पना की गई होगी. लेकिन अगर मौजूदा समय में निवेश और अन्य सकारात्मक कारणों से उसमें बदलाव की जरूरत है तो वे मंत्री होने के नाते उनमें बदलाव के लिए तैयार हैं. वे अपने विभाग में ऐसे किसी भी कानून में बदलाव के लिए अधिकारियों को प्रेरित करते हैं. उन्हें यह कहते हैं कि वह स्वयं फाइल पर साइन करेंगे. अधिकारी संशोधित कानून बनाकर लाएं.

    उनके मुताबिक, अगर नीयत साफ है तो फिर बदलाव से या किसी भी आरोप से क्यों डरना है. एक ‘लॉ मेकर’ के रूप में भी नए कानून बनाना या किसी कानून में संशोधन करना उनका कार्य है. वे अधिकारियों को यह स्पष्ट रूप से बताकर रखते हैं.

    गडकरी की छवि विकास पुरुष  

    अब तक गडकरी की छवि विकास पुरुष, रोडकरी या दूरदृष्टि वाले नेता के रूप में बनी है. इसके लिए वे प्रख्यात भी हैं. जिस भी मंत्रालय में वे रहे हैं, उस मंत्रालय का ग्राफ तेजी से ऊपर भागा और नित नए रिकार्ड बनाता रहा. वर्तमान में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग  एवं एमएसएमई मंत्रालय एक से बढ़कर एक निर्णय ले रहा है और कार्यों को आगे बढ़ा रहा है. इस बीच नागपुर के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने भी नए शिखर को छू लिया है. 

    कोरोना संकट में जीवनदाता बनकर उभरे

    सांसद के रूप में उन्होंने कोरोना काल में जो कार्य किए हैं, उससे उनकी छवि ‘जीवनदाता’ के रूप में बन गई है. लोगों के दिलों में वे वास करने लगे हैं और लोग खुलकर कहने लगे हैं कि गडकरी के कार्यों को देखकर जनता उनकी ‘कायल’ हो गई है. काश! ऐसे राजनेता देश के हर हिस्से में होते तो हजारों लोग बेमौत मरने से बच सकते थे. खासकर ऑक्सीजन, रेमडेसिविर, वेंटिलेटर की उपलब्धता जिस गति से उन्होंने उपलब्ध कराई है, महामारी में वे महापुरुष बनकर उभरे हैं.  

    नितिन जी के जन्मदिन के अवसर पर नवभारत एक विशेष अंक प्रकाशित कर रहा है। जो आज दिन भर नवभारत के डिजिटल प्लेटफार्म enavabharat.com पर चलेगा।