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  • निरीक्षण में हुआ खुलासा
  • 39 बेड इंदिरा गांधी में खाली
  • 336 बेड मनपा के नये अस्पतालों में रिक्त

नागपुर. आज कोरोना के गंभीर मरीजों को सरकारी व निजी अस्पतालों में बेड नहीं मिल पा रहा है और दूसरी ओर मनपा के सुविधायुक्त नये अस्पतालों में बेड खाली होने के बाद भी कंट्रोल रूम इसकी जानकारी जरूरतमंदों को नहीं दे रहा है.

राकां के प्रदेश उपाध्यक्ष वेदप्रकाश आर्य, कांग्रेस पार्षद कमलेश चौधरी, संजय जैस्वाल, सुबोध साखरे ने मनपा के अस्पतालों इंदिरा गांधी हास्पिटल, सदर, पांचपावली, इमामवाड़ा और केटीनगर का निरीक्षण किया तो सनसनीखेज जानकारी सामने आई. तात्कालीन आयुक्त तुकाराम मुंढे ने इन पांचों जगहों पर आक्सीजन की सुविधा के साथ करीब 450 बेड की सुंदर व्यवस्था कर रखी है.

निरीक्षण करने पहुंची टीम को इंदिरा गांधी हास्पिटल की डा. किम्मतकर ने जानकारी दी कि यहां 110 कोविड बेड की व्यवस्था है जिसमें से 39 बेड खाली हैं. सभी बेड में आक्सीजन की व्यवस्था है. यहां 50 डाक्टर्स, नर्स स्टाफ, 2 एम्बुलेंस और जनरेटर की सुविधा भी उपलब्ध की गई है. बावजूद इसके मनपा का कंट्रोल रूम इस हास्पिटल में बेड खाली होने की जानकारी छिपा रहा है. आर्य ने बताया कि चर्चा है कंट्रोल रूम संचालित करने वालों की निजी अस्पतालों से बड़े पैमाने पर सांठगांठ है और वे मरीजों को जानबूझकर निजी अस्पतालों में भेज रहे हैं.

मेयर व अधिकारी यहां क्यों नहीं आए
आर्य ने कहा कि आज सदर हॉस्पिटल में 60 बेड, पांचपावली में 110 बेड, इमामवाड़ा में 36 बेड, केटी नगर में 130 बेड ऑक्सीजन के साथ उपलब्ध है परंतु करोड़ों रुपये लगने के बाद अभी तक शुरू नहीं किये गए हैं. महापौर और मनपा के अधिकारी इतने सुंदर अस्पताल बनने के बाद और कोरोना मरीजों के लिए जगह उपलब्ध रहने के बाद इन्हें शुरू क्यों नहीं किया. लोग अस्पताल में भर्ती होने के लिए तड़प रहे हैं और प्रशासन मूक बनकर तमाशा देख रहा है. इससे ऐसा लगता है प्रशासन कंट्रोल रूम बैठकर तमाशा देख रहा है. मनपा के कंट्रोल रूम ने कभी भी इंदिरा गांधी हास्पिटल में बेड खाली है की जानकारी नहीं दी है. उन्होंने आरोप लगाया कि निजी अस्पतालों से सेटिंग के चलते लोगों के जीवन से खेला जा रहा है. आयुक्त ने स्वयं तुरंत ध्यान देना चाहिए.

पड़ी है मशीने
करीब 10-15 दिनों से इंदिरा गांधी हास्पिटल, सदर और महल के लिए 3 एक्स-रे मशीन लायी गयी है, वह पड़ी है परंतु मशीन लगाने का समय महापौर और प्रशासन के पास नहीं है. महापौर को सिर्फ राजनीति करने का समय है. उन्होंने और सत्ताधारी नगरसेवकों ने कभी भी जाकर हॉस्पिटल का निरीक्षण क्यों नहीं किया यह भी सवाल है. आर्य ने कहा कि नागपुर सिटीजन फोरम बुधवार को मनपा आयुक्त से मुलाकात कर जवाब मांगेगा.