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  • हाईकोर्ट ने 2 सप्ताह का दिया अल्टीमेटम

नागपुर. कस्तूरचंद पार्क की समाचार पत्रों में दयनिय अवस्था उजागर करने के बाद हाईकोर्ट की ओर से कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे जनहित में स्वीकार किया. याचिका पर मंगलवार को सुनवाई के बाद न्यायाधीश रवी देशपांडे और न्यायाधीश अमित बोरकर ने कस्तूरचंद पार्क के सभी गड्ढों को भरने के बाद पूरे मैदान को 2 सप्ताह के भीतर समतल करने का अल्टीमेटम मनपा को दिया. अदालत मित्र श्रीरंग भांडारकर ने कहा कि एतिहासिक कस्तूरचंद पार्क का रखरखाव नहीं किए जाने से पूरे मैदान में गड्ढे हो गए हैं. यहां तक कि अतिक्रमण भी पूरी तरह साफ नहीं हुआ है. जिसे लेकर मनपा की ओर से दायर हलफनामा में बताया गया कि यहां पर कुछ विकास के कार्य चल रहे हैं. जिससे सामान बिखरा पड़ा है. मनपा की ओर से अधि. जैमीनी कासट ने पैरवी की.

अक्टूबर तक पूरा करें विकास कार्य
मनपा की ओर से दायर किए गए हलफनामा में बताया गया कि यहां पर कुछ विकास कार्य चल रहे हैं. जिसके चलते मैदान की दुरावस्था दिखाई दे रही है. कार्य को लेकर दिए गए टेंडर के अनुसार विकास कार्य को अंजाम दिया जा रहा है. सुनवाई के बाद अदालत ने हलफनामा में दिए गए विकास कार्यों की जानकारी के अनुसार सभी कार्य अक्टूबर 2020 तक पूरे करने के आदेश भी जारी किए. मैदान को समतल करने के लिए दिए गए आदेशों के अनुसार कार्यवाही की जानकारी के लिए सुनवाई 2 सप्ताह तक के लिए स्थगित कर दी. 

इमारत के चारों ओर लगाया जाए कटघरा
अति. पुलिस आयुक्त की ओर से शपथपत्र में बताया गया कि रात के समय भी पुलिस की ओर से कार्रवाई कर इन्हें गिरफ्तार किया गया है. लेकिन बाद में छूटते ही पुन: भीखारियों की ओर से इसे पनाहगाह बनाया जाता है. हालांकि इस इमारत में किसी तरह का अतिक्रमण तो नहीं है, लेकिन इमारत के नीचे सुरक्षा देखकर भीखारी यहां रहते हैं. मनपा की ओर से इसके चारों ओर कटघरा तैयार करने की आवश्यकता है. जिसके लिए मनपा को पत्र भी भेजा गया. सुनवाई के दौरान जिलाधिकारी की ओर से पेश किए गए शपथपत्र में पुलिस विभाग की कार्रवाई का समर्थन किया गया.