Dharmapal Meshram

  • जांच के लिए अब बनी समिति
  • 1992 में हुआ था आवंटन
  • 32565 वर्ग फूट जमीन का है मामला

नागपुर. लकडगंज स्थित कडबी बाजार खुले मैदान और भूखंड क्रमांक 115 की 3215 वर्ग फूट और भूखंड क्रमांक 116 की 29350 वर्ग फूट जमीन मनपा के मालकी की है. वर्ष 1992 में इस जमीन को लीज पर आवंटित किया गया था. किंतु बाद में लीज का नवीनीकरण नहीं किया गया. यहां तक कि इस संदर्भ में आडिट तक नहीं किया गया. फलस्वरूप जमीन के अधिकांश हिस्से पर अब अतिक्रमण हो गया है. अत: जमीन के संदर्भ में सघन जांच करने के लिए समिति के गठन की घोषणा विधि समिति सभापति धर्मपाल मेश्राम ने की. उन्होंने समिति को मामले की विस्तृत जांच कर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश भी दिए. आश्चर्यजनक यह था कि इस संदर्भ में अधिकारियों से जानकारी तो मांगी गई, किंतु अधिकारियों के पास किसी तरह की जानकारी नहीं थी.

तो तत्काल प्रभाव से हटाया जाए अतिक्रमण

उन्होंने कहा कि कडबी बाजार के खुले मैदान में भी काफी हिस्से पर अस्थायी अतिक्रमण हो चूका है. जिससे मनपा के प्रवर्तन विभाग के माध्यम से इसका आंकलन किया जाना चाहिए. साथ ही समिति की रिपोर्ट में खुलासा होने के बाद अतिक्रमण को तत्काल प्रभाव से निकाला जाना चाहिए. मनपा की जमीन अधिकार में लिया जाना चाहिए. विधि विभाग में कान्ट्रैक्ट पद्धति से नियुक्त विधि सहायक की सेवाएं मई माह में खत्म हो चूकी है. 12 विधि सहायकों के पदों में से केवल 8 पदों पर नियुक्तियां हुई थी. जिसमें से 6 विधि सहायकों की पुन: नियुक्ति हो चूकी है. अब बिंदू नियमावलि के अनुसार सरकारी निर्देशों को खंगाल कर 6 स्थान विज्ञापन देकर भरने के निर्देश भी उन्होंने दिए. 

“राईट टू सर्व्हिसेस” की लोगों को दें जानकारी

सिटीजन चार्टर के संदर्भ में उठाए गए प्रश्न पर मनपा अधिकारी ने बताया कि सरकार के निर्देशों के अनुसार अर्बन डेवलपमेंट अंतर्गत निर्देशित 49 तरह की सेवाएं “राईट टू सर्व्हिसेस” अंतर्गत स्वीकार की गई है. जिस पर विधि सभापति ने कहा कि लोगों को इस संदर्भ में भलीभांति जानकारी ही नहीं है. जिससे सभी जोनल कार्यालय में इसकी जानकारी उजागर की जानी चाहिए. साथ ही बड़े पैमाने पर जनजागृति करने के निर्देश भी उन्होंने दिए. उन्होंने विभिन्न जोन अंतर्गत नई एलईडी लगाने के बाद निकाले गए सोडियम लाईट और अन्य स्क्रैप मटेरियल की वर्तमान स्थिति और पूरी प्रक्रिया की जांच करने के निर्देश भी प्रशासन को दिए.