corona

नागपुर. मार्च से शुरू हुआ कोरोना काल खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है. वर्ष बीतने की कगार पर है, लेकिन संक्रमित मरीजों का सिलसिला सतत रुप से जारी है. इस बीच शुक्रवार को 444 नये मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हुई. इसके साथ ही अब तक जिले में कुल संक्रमित मरीजों की संख्या 119221 हो गई है. वहीं 7 मरीजों की कोरोना की वजह से मौत हो गई. अब तक 3832 लोगों की जान वाइरस ले चुका है.

कोरोना की चेन टूटने का नाम नहीं ले रही है. फिलहाल ग्रामीण भागों में मरीज मिल रहे है, लेकिन सिटी में अब भी हर दिन 300 से अधिक लोग पाजिटिव मिल रहे है. शुक्रवार को आई रिपोर्ट में सिटी में 364 और ग्रामीण में 77 लोगों की रिपोर्ट पाजिटिव आई. इस तरह अब तक जिले में कुल 876715 लोगों की जांच की जा चुकी है. चौबिस घंटे के भीतर 5143 लोगों की जांच की गई.

टेस्टिंग से हिसाब से देखा जाये तो एक बार फिर कोरोना अपने पैर पसारता नजर आ रहा है. जो कि लोगों के लिए एक तरह का अलर्ट है. यदि जांच 6000 से अधिक होने लगे तो फिर मरीजों का 500 पार हो सकता है. जिले में फिलहाल 5983 एक्टिव केस है. जो कि पिछले सप्ताह की तुलना में अधिक है. शुक्रवार को 358 मरीजों को ठीक होने के बाद छुट्टी दी गई. अब तक कुल 109406 मरीज ठीक हो चुके हैं. अब जिले में रिकवरी रेट 91.77 फीसदी तक पहुंच चुका है. 

जनवरी में सेकेंड वेव की संभावना

इस बीच डाक्टरों ने जनवरी के मध्य में एक बार फिर से सेकेंड वेव की संभावना व्यक्त की है. इन दिनों ठंड बढ़ने लगी है. इस सीजन में सर्दी, जुकाम और खांसी के भी मरीज बढ़ते जा रहे है. यही वजह है कि डाक्टरों ने मामूली लक्षण दिखाई देने पर भी तुरंत कोविड जांच कराने की सलाह दी है. यह सीजन अस्थमा के मरीजों के लिए भी घातक होता है. इन मरीजों को भी समय-समय पर जांच कराते रहना चाहिए. इन दिनों लोगों की लापरवाही बढ़ गई है.

केवल मास्क लगाकर ही लोग दिखाई देते हैं, लेकिन सेनेटाइज करने पर ध्यान कम हो गया है. यह स्थिति कोरोना के फैलने के लिए पोषक हो सकती हैं. डाक्टरों का कहना है कि अनुमान के मुताबिक यदि जनवरी में फिर से मरीजों की संख्या बढ़ी तो फिर स्कूलें शुरू करने का फैसला टालना पड़ सकता है. यही वजह है कि सावधानी बरतने की अपील की गई है.