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  • डोर-टू-डोर सर्विस की तैयारी

नागपुर. रेलवे की आय का मुख्य स्त्रोत पार्सल और माल ढुलाई है लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते अब भारी नुकसान हो रहा है. ऐसे में राजस्व और ट्रांसपोर्टरों से मिल रही कड‍ी प्रतिस्पर्धा को देखते हुए रेलवे ने पार्सल और बुक सामानों की होम डिलीवरी शुरू करने की तैयारी कर रहा है. वर्तमान में उपभोक्ताओं को बुक किया हुआ अपना सामान लेने के लिए स्टेशन परिसर में स्थित पार्सल आफिस जाना पड़ता है. रेलवे अब बुक सामानों की होम डिलीवरी की योजना पर काम कर रहा है. इसे डोर-टू-डोर पार्सल सर्विस का नाम दिया जा सकता है.

100 किमी का दायरा हो सकता है तय
मिली जानकारी के अनुसार, होम डिलीवरी के लिए स्टेशन से 100 किमी की दायरा तय किया जा सकता है. यात्री को सामान बुकिंग के समय ही रेलवे किराया और होम डिलीवरी चार्ज का भुगतान करना होगा. इसके बाद रेलवे पार्सल  दिये गये पते पर पार्सल या अन्य बुक किया सामान घर पहुंचा देगा. रेलवे छोटे व्यापारियों और उद्यमियों को आकर्षित करने के लिए 100 किलोमीटर से कम दूरी की माल ढुलाई की बुकिंग शुरू कर छूट भी दे सकता है. उक्त नई योजना के अनुसार, रेलवे पार्सल घर से कुछ गाड़ियों को अनुबंधित करेगा, जिससे पार्सल को उपभोक्ता के पते पर पहुंचाया जाएगा. 

नये बिजनेस मॉडल में संभव
कोरोना के कारण रेलवे के विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली में भारी बदलाव आ चुका है. इस बदले परिवेश में रेलवे भी मालगाड़ियों की संख्या बढ़ाने के साथ नए बिजनेस मॉडल की भी तलाश रहा है. इसकी पहल रेलवे बोर्ड के स्तर पर हुई है. वहां बिजनेस डेवलपमेंट यूनिट का गठन हो चुका है. अब जोन स्तर और मंडल स्तर पर बिजनेस डेवलपमेंट यूनिट बनाई जा रही है. इसमें वाणिज्य, परिचालन समेत चार विभाग के उच्च अधिकारी रहेंगे. ऐसे में पार्सल और बुकिंग विभाग में होम डिलीवरी सिस्टम भी पूरी तरह से संभव है. इस दौरान रेलवे अपने उपभोक्ताओं से इस सुविधा के बारे में फीडबैक भी लेगा ताकि कमियां मिलने पर उचित सुधार किया जा सके.