वर्धा जिले में नर्सिंग कालेज, हाईकोर्ट ने दिखाई हरी झंडी

  • डा. केशव बलीराम हेडगेवार पर्यायी शिक्षा मंडल की याचिका पर फैसला

नागपुर. हाईकोर्ट द्वारा डा. केशव बलीराम हेडगेवार पर्यायी शिक्षा मंडल की याचिका पर निर्णय देते हुए वर्धा जिले में नये नर्सिंग एंड मिडवाइफरी (जीएनएम) कालेज के निर्माण को हरी झंडी दे दी. न्यायमूर्ति सुनील शुक्रे तथा न्यायमूर्ति अनिल किल्लोर की बेंच ने यह निर्णय सुनाया. ज्ञात हो कि उक्त संस्था में राज्य नर्सिंग बोर्ड में जीएनएम कालेज शुरू करने के लिए प्रस्ताव भेजा था. यह प्रस्ताव 31 दिसंबर 2019 को बोर्ड ने नकार दिया था. इसी के विरोध में संस्था ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. याचिकाकर्ता की ओर से एडवोकेट फिरदौस मिर्जा ने पैरवी की.

बोर्ड की योजना में ही कालेज शामिल
याचिकाकर्ता की ओर से हाईकोर्ट को बताया गया कि महाराष्ट्र राज्य नर्सिंग एंड पैरामेडिकल एजूकेशन एक्ट 2013 के प्रावधानों का उल्लंघन है. नियमानुसार, इसके लिए आधिकारिक गजट प्रकाशित किया जाना चाहिए. मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने बोर्ड की संभावित योजनाओं पर भी विचार किया जिसमें बोर्ड ने खुद वर्धा में एक नर्सिंग कॉलेज की आवश्यकता को स्पष्ट किया है. बोर्ड ने तर्क दिया था कि नर्सिंग काउंसिल ऑफ इंडिया ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति 2017 के तहत 2020-21 के शैक्षणिक सत्र से नए जीएनएम पाठ्यक्रम को मंजूरी देने से इनकार कर दिया था.

कोर्स बंद करते समय प्रक्रिया को पूरा करें
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने कहा कि परिषद द्वारा गैजेट के प्रकाशन और अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं के गैर-पालन के कारण पाठ्यक्रम को बंद नहीं माना जा सकता. पाठ्यक्रम को बंद करने के लिए सभी प्रक्रियाओं का पालन करना होगा. ऐसे में बोर्ड को याचिकाकर्ता के प्रस्ताव पर पुनर्विचार करने का निर्देश दिया गया. कोर्ट के फैसले से नए कॉलेजों का मार्ग प्रशस्त हुआ.