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  • हिली सरकार, पूछी मांगे
  • CM ने बुलाई आकस्मिक बैठक

नागपुर. राष्ट्रीय ओबीसी महासंघ द्वारा उपराजधानी में केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी तथा राज्य के गृहमंत्री अनिल देशमुख के घर बाहर किये गये थाली बजाओ ने राज्य सरकार को हरकत में ला दिया और तुंरत की मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के साथ महासंघ की बैठक आयेाजित कर दी गई. मुंबई के सहाद्री गेस्ट हाउस में आयेाजित बैठक में महासंघ के शिष्टमंडल से उनकी मांगे पूछी गई.

शिष्टमंडल की अध्यक्षता कर रहे डा. बबनराव तायवाड़े ने कहा कि महासंघ की सीधी सी मांग है कि ओबीसी आरक्षण में किसी का कोटा ना लाया जाये जैसा की मराठा समाज द्वारा लगातार कहा जा रहा है.

सरकार 2021 जनगणना में ओबीसी वर्ग की पृथक गिनती हो. इससे पता चल जायेगा कि किस समाज की कितनी संख्या और आरक्षण में किसको कितना अधिकार मिलेगा. डा. तायवाड़े ने कहा कि हम मराठा आरक्षण के खिलाफ नहीं है लेकिन उन्हें ओबीसी आरक्षण कोटे में शामिल ना किये जाये. बल्कि मराठा का आरक्षण कोटा पृथक हो. इसके अलावा असंवैधानिक नॉन क्रीमिलेयर रद्द कर ओबीसी समाज को न्याय दिया जाये.

दिया उचित कार्यवाही आश्वसान

सारी मांगे सुनने के बाद मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने पूरे मामले में उचित कार्यवाही आश्वासन दिया. शिष्टमंडल में डा. तायवाडे के अलावा सचिन राजूरकर तथा डॉ. अशोक जीवतोडे की भी उपस्थिति रही.

ज्ञात हो कि 2 दिन पहले महासंघ ने ओबीसी आरक्षण में मराठा समाज में समाहित करने के प्रयास के विरोध में पूरे राज्य में ही जोर-शोर से थाली बजाओ आंदोलन किया था. इसके तहत केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी, राज्य के गृहमंत्री अनिल देशमुख,  पूर्व मुख्यंत्री देवेन्द्र फडणवीस समेत सभी पार्टियों के वर्तमान विधायकों और विधान परिषद सदस्यों के घर बाहर थाली बजाओ आंदोलन किया गया था. आंदोलन में पूरे राज्य में बड़ी संख्या में महासंघ के सदस्यों और ओबीसी समाज के लोगों ने हिस्सा लिया.